
Kerala Political Controversy: केरल में लगातार हो रही भारी बारिश और उससे पैदा हुए संकट के बीच मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के मलप्पुरम स्थित यूथ लीग के एक नेता के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर रविवार को सीपीएम नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब राज्यभर में हजारों लोग बारिश और बाढ़ से प्रभावित हैं, तब मुख्यमंत्री का ऐसे कार्यक्रम में शामिल होना अनुचित था।
सीपीएम के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब पूरा राज्य बारिश से उत्पन्न संकट से जूझ रहा था, तब मुख्यमंत्री का निजी कार्यक्रम में शामिल होना "रोम के जलने के दौरान नीरो के बांसुरी बजाने" जैसा था।
उन्होंने कहा, "केरल ने देखा है कि पिनाराई विजयन ने दो भीषण बाढ़ और कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य का नेतृत्व कैसे किया। मुख्यमंत्री सतीशन को भी उसी उदाहरण का पालन करना चाहिए।"
पूर्व शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने तिरुवनंतपुरम और कोच्चि के बीच दो यात्राओं के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर का निजी उद्देश्य से इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, "हेलीकॉप्टर का उपयोग न तो राहत कार्यों के लिए हुआ और न ही किसी अत्यावश्यक सरकारी कार्य के लिए। मुख्यमंत्री को जनता से माफी मांगनी चाहिए और इन यात्राओं का पूरा खर्च उनसे वसूला जाना चाहिए।"
सीपीएम के राज्यसभा सांसद ए. ए. रहीम ने फेसबुक पर मलप्पुरम के पोन्नानी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि पहले उन्हें इन तस्वीरों पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन पुष्टि होने के बाद उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
रहीम ने आरोप लगाया कि जब कई जिलों में हजारों लोग बारिश से जुड़ी आपदाओं से जूझ रहे थे, तब मुख्यमंत्री पोन्नानी में यूथ लीग के एक नेता के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया और भोज भी परोसा गया। उल्लेखनीय है कि यूथ लीग, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की युवा शाखा है।
पीटीआई से बातचीत में रहीम ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष होने के नाते मुख्यमंत्री की प्राथमिक जिम्मेदारी राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी समन्वय करना है।
उन्होंने आरोप लगाया, "यूथ लीग के नेता के घर अतिथि बनकर समय बिताना और आधिकारिक जिम्मेदारियों से दूर रहना पूरी तरह अनुचित और गलत समय पर लिया गया फैसला है।"