
Rahul Gandhi on Kerala Heavy Rain: केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 8 लोग लापता हैं और 13 लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों से राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग करने की अपील की है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि केरल में भारी बारिश से हुई तबाही से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लापता लोगों के सुरक्षित मिलने और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों की मदद और राहत कार्यों के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे राहत कार्यों में प्रशासन का पूरा सहयोग करें। साथ ही उन्होंने लोगों से विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा।
लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य की कई नदियां और बांध उफान पर हैं। भारी जलप्रवाह को देखते हुए मलंकारा डैम के पांच गेट खोलने पड़े। बारिश और भूस्खलन से 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं जबकि 196 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 5,792 लोगों को सुरक्षित निकालकर 209 राहत शिविरों में पहुंचाया है।
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। कन्नूर के अय्यनकुन्नू इलाके में सबसे अधिक 320 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 12 जिलों में गरज के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें अलाप्पुझा, कोझिकोड, इडुक्की, वायनाड, कन्नूर, कोट्टायम, पथानामथिट्टा, पालक्काड, मलप्पुरम, त्रिशूर, कासरगोड और एर्नाकुलम शामिल हैं।
बारिश के कारण पथानामथिट्टा जिले के रानी कस्बे में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे कई दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान जलमग्न हो गए। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला और लाखों रुपये का नुकसान हुआ। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है। प्रशासन ने बारिश की तीव्रता कम होने के बावजूद पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।