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अमेरिकी हमले रुकने पर ईरान का बड़ा बयान- अचानक हमले से बेखबर नहीं, सेना अलर्ट मोड पर

US Iran Tensions: ईरान ने कहा है कि वह अपने विरोधियों से उत्पन्न हर खतरे को वास्तविक और विश्वसनीय मानता है तथा अपनी सैन्य तैयारियों को लगातार मजबूत करता रहेगा।
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Middle East Crisis

ईरान की अमेरिका को दो टूक, हर खतरे का देंगे जवाब, photo source@ANI

US Iran Tensions: ईरान ने कहा है कि वह अपने विरोधियों से उत्पन्न हर खतरे को वास्तविक और विश्वसनीय मानता है तथा अपनी सैन्य तैयारियों को लगातार मजबूत करता रहेगा। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत आगे बढ़ती है और होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खोलने पर सहमति बनती है, तो अमेरिका नए हमलों को फिलहाल स्थगित रखेगा।

ईरान बोला- 'अचानक हमले से न तो घबराएंगे, न निष्क्रिय रहेंगे'

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री माजिद इब्न अल-रेज़ा ने सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा कि तेहरान किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लेगा, भले ही उसका उद्देश्य केवल मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना ही क्यों न हो। उन्होंने कहा, "हम न तो अचानक होने वाले हमले से घबराएंगे और न ही निष्क्रिय रहेंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि ईरान ऐसी धमकियों को अपनी सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने, प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने तथा रक्षा क्षमताओं के विस्तार के अवसर के रूप में देखता है। यह बयान ट्रंप की उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजनयिक प्रयास जारी रहने तक अमेरिका नए सैन्य हमलों की योजना को स्थगित रखेगा। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और ट्रंप ने बातचीत के दौरान क्षेत्रीय तनाव कम करने के तरीकों पर भी चर्चा की।

समझौता हुआ तो नहीं होगा दूसरा हमला: ट्रंप

शनिवार देर रात ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर जल्द समझौता हो जाता है, तो अमेरिका ईरान पर दूसरा हमला नहीं करेगा।

ट्रुथ सोशल पर साझा किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान और मध्य पूर्व के कई देशों ने ऐसे समझौते को अंतिम रूप देने के लिए समय मांगा है, जिससे रणनीतिक जलमार्ग को "तत्काल, पूर्ण और पूरी तरह" से दोबारा खोला जा सके और "ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त किया जा सके।" हालांकि, ट्रंप ने उन देशों के नाम सार्वजनिक नहीं किए। यह पोस्ट सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ उनकी फोन पर हुई बातचीत के बाद सामने आई।

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