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ईरान क्यों हुआ समझौते को तैयार? डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति का असर या दबाव, मार्को रुबियो ने बताया बड़ा कारण

Marco Rubio Iran statement: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि आखिर क्यों ईरान परमाणु समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत के लिए तैयार दिख रहा है। रुबियो ने इसके पीछे डोनाल्ड ट्रंप की सख्त रणनीति को बड़ी वजह बताया।
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Marco Rubio on us-iran war

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Photo- ANI)

US-Iran War: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की निर्णायक रणनीति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन ने इससे पहले कभी ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति का सामना नहीं किया, जो इतनी सीधे और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करते हों। 'फॉक्स न्यूज' को दिए एक इंटरव्यू में मार्को रुबियो ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि ईरानी शासन ने कभी डोनाल्ड ट्रंप जैसे राष्ट्रपति का सामना किया है, जो वास्तव में कार्रवाई करते हैं। वे पिछले 20-30 वर्षों से केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को धोखा देने और समझौतों को तोड़ने जैसी चीजों से बच निकलने के आदी हो गए थे।'

'अमेरिका मजबूत स्थिति से कर रहा बात'

सैन्य कार्रवाइयों के प्रभाव का जिक्र करते हुए मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की रक्षा क्षमताओं को 'गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा, 'उनके पास अभी भी मिसाइलें हैं और ड्रोन भी हैं, जिनसे वे नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन अब उनके पास वह पारंपरिक सुरक्षा कवच नहीं है, जिसके पीछे वे छिपने की कोशिश करते थे।

रुबियो ने दावा किया कि यही वजह है कि ईरान अब परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े समझौते के लिए तैयार दिख रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब कमजोर स्थिति से नहीं बल्कि मजबूत स्थिति से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, 'इससे पूरी स्थिति बदल गई है। यही एकमात्र कारण है कि अब वे परमाणु निरस्त्रीकरण और होर्मुज को लेकर समझौता करने के इच्छुक दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि अब हम उनसे कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत की स्थिति से बातचीत कर रहे हैं।

ईरान की विदेश नीति और मध्य पूर्व में उसके प्रभाव बढ़ाने के प्रयासों पर बोलते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरानी शासन के क्षेत्रीय प्रभाव को रोकने के लिए दबाव काफी बढ़ाना होगा। रुबियो ने कहा, 'वे अपनी क्रांति को दूसरे देशों में फैलाना चाहते हैं। इसे बदलना जरूरी है और इसे बदलने का एकमात्र तरीका यही है कि इसकी कीमत उनके लिए इतनी अधिक कर दी जाए कि वे इसे वहन न कर सकें।'

अमेरिका ने प्रस्तावित हमले को रद्द करने की घोषणा की

मार्को रुबियो के बयान के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर प्रस्तावित हमले को रद्द करने की घोषणा की। हालांकि उन्होंने कहा कि यह फैसला इस शर्त पर है कि ईरान तेजी से कोई समझौता करने के लिए तैयार हो। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मध्य पूर्व के कई देशों ने हमले को टालने की अपील की है, क्योंकि समझौते की रूपरेखा तय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि संभावित समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत और पूरी तरह खोलना, साथ ही ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल होगा।

हालांकि हमले को रोकने का फैसला फिलहाल तनाव कम करने का संकेत देता है। हालांकि ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह रोक पूरी तरह ईरान की इस तैयारी पर निर्भर है कि वह तेजी से समझौता करने के लिए तैयार है या नहीं।

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