
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो। (Photo - IANS)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार क्यूबा को धमकी देते हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। इसकी वजह अब सामने आई है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को लेकर बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि क्यूबा की सरकार अमेरिका की अंदरूनी कमजोरियों का फायदा उठाकर देश को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। रुबियो का आरोप है कि क्यूबा के जासूस अमेरिकी सरकार में भी बैठे रहे, जो बिना पैसे के भी उनके लिए काम करते हैं।
रुबियो ने फॉक्स न्यूज के एक शो में बात करते हुए कहा कि क्यूबा के खुफिया एजेंट्स अमेरिका के अंदर राजनीतिक और सामाजिक झगड़ों को और बढ़ावा देते हैं। उनका मकसद है कि अमेरिकी समाज खुद ही टूट जाए।
रुबियो ने खास तौर पर अमेरिकी अकादमिया यानी पढ़ाई-लिखाई के संस्थानों और मीडिया पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा- अमेरिका के कई प्रोफेसर और पत्रकार ऐसे हैं जो क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार के प्रति सहानुभूति रखते हैं। इनमें से कई की सोच एंटी-अमेरिकन है।
रुबियो ने याद दिलाया कि अमेरिका में हमने पहले भी अपनी ही सरकार के अंदर कुछ ऐसे लोगों को देखा है, जो क्यूबा के प्रति नरम रवैया रखते थे। इन्हीं लोगों को क्यूबा बिना कुछ खर्च किए जासूस बना लेता था।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह खतरा आज भी मौजूद है। क्यूबा की खुफिया एजेंसी बहुत कुशल है। वह छोटी-छोटी बातों को बड़ा मुद्दा बना देती है ताकि अमेरिका के लोग आपस में लड़ें।
विदेश मंत्री ने कहा कि यह सिर्फ राजनीति की बात नहीं है बल्कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। अगर क्यूबा जैसे देश अमेरिका के अंदर फूट डालने में सफल हो गए तो बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं।
रुबियो ने जोर देकर कहा कि हमें अपनी कमजोरियों को समझना होगा और उन्हें मजबूत करना होगा। रुबियो ने सुझाव दिया कि अमेरिका को अपनी अंदरूनी एकता मजबूत करनी होगी। अकादमिया और मीडिया में जो लोग विदेशी ताकतों के प्रभाव में हैं, उन्हें पहचानना जरूरी है।
साथ ही खुफिया एजेंसियों को और सक्रिय होना चाहिए ताकि ऐसे हस्तक्षेप रोके जा सकें। रुबियो का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका पहले से ही कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है। क्यूबा जैसे छोटे देश का इतना प्रभाव होना कई लोगों को चौंकाने वाला है।
Updated on:
02 Aug 2026 09:03 am
Published on:
02 Aug 2026 09:03 am
