2 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘जंतर-मंतर तो झांकी थी, बिहार अभी बाकी है’; BPSC TRE-4 को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार ने दी सरकार को चेतावनी

Bihar student protest: छात्र नेता दिलीप कुमार ने BPSC TRE-4 भर्ती को लेकर शिक्षा विभाग और BPSC, दोनों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीटों की संख्या बढ़ाने, एक ही परीक्षा आयोजित करने और 3-4 दिनों के भीतर विज्ञापन जारी करने की मांग करते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
4 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Aug 02, 2026

bihar student protest, Bpsc TRE 4

गांधी मैदान में प्रदर्शन करते बिहार के छात्र (सांकेतिक) (Photo -@jansuraajonline/ X)

BPSC TRE-4 Protest warning: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की चौथे चरण की शिक्षक बहाली (TRE-4) के विज्ञापन में हो रही देरी, अधियाचना वापस होने और कई विषयों में सीटों की भारी कटौती को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार ने सरकार और शिक्षा विभाग पर प्रहार किया है। पटना में अभ्यर्थियों की मांगों को सपोर्ट करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खेलना बंद नहीं करती है, तो पूरे बिहार में एक बड़ा आंदोलन होगा। सरकार को चेतावनी देते हुए दिलीप कुमार ने कहा, "जंतर मंतर तो बस एक झांकी थी, बिहारअभी बाकी है।"

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि सरकार BPSC TRE-4 को लेकर सिर्फ दिखावा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी से मई के बीच अधियाचना भेजने और संशोधन करने के नाम पर समय बर्बाद किया गया, जिससे विज्ञापन जारी नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि जहां शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री प्रारंभिक और मुख्य परीक्षाओं के माध्यम से अच्छे शिक्षकों की भर्ती की बात करते हैं, वहीं BPSC अक्सर उसी विभाग द्वारा भेजी गई मांगों को गलतियों के कारण लौटा देता है। उन्होंने इस स्थिति को राज्य की शिक्षा व्यवस्था और मंत्री, दोनों के लिए बेहद शर्मनाक बताया। शिक्षा मंत्री की काबिलियत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की।

BPSC और शिक्षा विभाग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए दिलीप कुमार ने पूछा कि जो अधियाचना अभी तक आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई थी, वह सोशल मीडिया पर कैसे लीक हो गई। उन्होंने सवाल किया कि बिहार के बाहर या विदेश में रहने वाले लोग इन गोपनीय दस्तावेजों को कैसे फैला पा रहे थे। उन्होंने पूछा कि क्या BPSC और शिक्षा विभाग से जानकारी लीक करने वाले वही लोग हैं जो पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

4 बार हुई STET, लेकिन वैकेंसी क्यों नहीं?

वायरल जानकारी का हवाला देते हुए, छात्र नेता ने बताया कि कई मुख्य विषयों के लिए एक भी सीट आवंटित नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि STET परीक्षा चार बार आयोजित की गई है, दो बार नए फॉर्मेट में और दो बार पुराने फॉर्मेट में। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार का वैकेंसी जारी करने का कोई इरादा नहीं था तो उम्मीदवारों से STET आवेदन फॉर्म क्यों भरवाए गए।

हालात पर तंज कसते हुए, उन्होंने पूछा कि क्या उम्मीदवारों से यह उम्मीद की जाती है कि वे अपने STET सर्टिफिकेट के साथ विधानसभा के बाहर टेंट में बैठें और झुनझुने से खेलें। TGT संगीत के लिए केवल दो वैकेंसी की घोषणा की गई है। इसके अलावा, संगीत, नृत्य, ललित कला, मैथिली, भोजपुरी, बांग्ला, मगही, पाली, प्राकृत, अरबी, फारसी, कॉमर्स, कृषि, खेल, अर्थशास्त्र और PRT जैसे विषयों के लिए वैकेंसी या तो है ही नहीं या बहुत कम हैं। उन्होंने TRE-4 के लिए नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की, जिसमें सभी विषयों में बड़ी संख्या में वैकेंसी हों, जिसमें पुराने बैकलॉग पद और हाल ही में खाली हुए पद शामिल हों।

2.77 लाख पद खाली, फिर शिक्षक सरप्लस कैसे?

शिक्षा विभाग के शिक्षकों के सरप्लस होने वाले दावे पर नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए दिलीप कुमार ने बताया कि बिहार में शिक्षकों के 2,77,000 पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री शिक्षक-छात्र अनुपात (1:30) के नियम का गलत मतलब निकाल रहे हैं। अधिकारी 30 की संख्या पूरी करने के लिए अलग-अलग ग्रेड (कक्षा 1, 2, 3 और 4) के छात्रों को एक साथ मिला रहे हैं, जिससे शिक्षकों की अधिकता का गलत आभास हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि एक ही शिक्षक एक साथ चार अलग-अलग कक्षाओं को कैसे पढ़ा सकता है।

परीक्षा पैटर्न में बदलाव पर भी बोले दिलीप

परीक्षा के पैटर्न के बारे में दिलीप कुमार ने कहा कि TRE-4 के लिए सिर्फ एक ही परीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रीलिमिनरी (PT) और मेन (Mains) परीक्षा के चरण लाकर भर्ती प्रक्रिया को तीन या चार साल तक अटकाने की कोशिश की जा रही है, जो स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि TRE-4 पहले ही तय समय से दो साल पीछे चल रही है। अगर सरकार PT-Mains फॉर्मैट लागू करना चाहती है, तो उम्मीदवार इसे TRE-5 से लागू करने पर सहमत हैं।

उन्होंने अधिकारियों को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर PT-Mains सिस्टम लागू होने के बाद भी अगर पेपर लीक होता है, तो BPSC अधिकारियों को हर उम्मीदवार को अपनी जेब से 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। वरना उम्मीदवार अधिकारियों के घरों और दफ़्तरों का घेराव करेंगे।

क्या है छात्रों की मांग?

दिलीप कुमार ने कहा कि पिछले आंदोलन के बाद लागू की गई डोमिसाइल पॉलिसी TRE-4 पर भी पूरी तरह लागू होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने मांग की कि उम्र सीमा की गणना दिसंबर 2023 के STET उम्मीदवारों के लिए तय कट-ऑफ तारीख के आधार पर की जाए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में 'एक उम्मीदवार-एक परिणाम' पॉलिसी लागू करने की मांग की, ताकि सभी पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों का अंतिम चयन और स्कूल में नियुक्ति सुनिश्चित हो सके और पद खाली न रहें। धोखाधड़ी रोकने के लिए उन्होंने मांग की कि परिणाम घोषित होने से पहले ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा कर लिया जाए।

सरकार को अल्टिमेटम

सरकार को आखिरी चेतावनी देते हुए छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि BPSC TRE-4 के लिए नोटिफिकेशन तीन-चार दिनों के भीतर जारी किया जाना चाहिए और इसमें सभी विषयों में पर्याप्त वैकेंसी होनी चाहिए। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, "जंतर-मंतर तो बस झांकी थी, बिहार अभी बाकी है।"

दिलीप कुमार ने कहा कि बिहार छात्र आंदोलनों का केंद्र रहा है और इसने हमेशा पूरे देश को रास्ता दिखाया है। हम शांतिपूर्ण अपील कर रहे हैं, लेकिन अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो बिहार के हर गांव और शहर से छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।