
Jantar Mantar Protest: देश में NEET पेपर लीक मामले को लेकर गुस्सा शांत नहीं हुआ है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था, लेकिन इस प्रदर्शन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता टी. जी. मोहनदास की एक कथित टिप्पणी ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। मोहनदास के इस बहुत ही आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी पर कड़ा रुख अपनाते हुए केरल सरकार ने पुलिस जांच के आदेश दे दिए हैं। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने खुद इस मामले को साइबर सेल को सौंप दिया है।
सोशल मीडिया पर RSS नेता टी. जी. मोहनदास के दो वीडियो सामने आए हैं, जिसमें वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं को लेकर बेहद चौंकाने वाली बातें कहते नजर आ रहे हैं।
पहले वीडियो में मोहनदास यह कहते दिख रहे हैं कि अगर इस आंदोलन को संभालने की जिम्मेदारी उन्हें मिलती, तो वे पूरे इलाके में कर्फ्यू लगा देते। उन्होंने आगे कहा कि भीड़ को हटने के लिए तीन बार अनाउंसमेंट की जाती। अगर वे नहीं मानते, तो सीधी गोलीबारी होती। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते, कुछ मरते और कुछ घायल होते। लेकिन चार घंटे के भीतर सब कुछ शांत हो जाता और लाशों को अस्पताल पहुंचा दिया जाता।
विवाद सिर्फ गोलीबारी के बयान तक नहीं थमा। एक दूसरे वीडियो में मोहनदास यह कहते सुने गए कि पुलिस को उस जगह से हट जाना चाहिए और प्रदर्शनकारियों को उनके हाल पर छोड़ देना चाहिए। इसके बाद उन्होंने बेहद असंवेदनशील भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वहां दुष्कर्म और हत्याएं होंगी, और इसकी शिकायत भी नहीं होगी क्योंकि उन्हें यह पसंद है।
RSS नेता के इन वीडियो के वायरल होने के बाद केरल की राजनीति गरमा गई है। कई राजनीतिक दलों और युवा संगठनों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच पुलिस को सौंप दी। साइबर सेल के आईजी पी. प्रकाश खुद इन गंभीर शिकायतों की जांच की निगरानी करेंगे।
इस मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) के नेता टी. टी. जिस्मोन ने कहा कि यह सिर्फ एक बयान नहीं है, बल्कि यह उन लोगों की असली सोच है जो देश के कानून और संविधान को नहीं मानते। शांति से अपनी मांग रख रहे छात्रों को इस तरह की बातें कहना पूरे देश के युवाओं का अपमान है।
वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर संघ और केंद्र सरकार को घेरा है। कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि मोहनदास का यह घृणित बयान महिलाओं और युवाओं के प्रति RSS की हिंसक सोच को दर्शाता है। पार्टी ने मांग की है कि देश में नफरत का माहौल बनाने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।