Extortion: केरल में हफ्ता वसूली (Extortion) के लिए गुंडों ने स्पा में घुस कर महिला कर्मचारी से गैंगरेप किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है, इलाके में भारी आक्रोश है।
Shocking Incident: केरल में कानून व्यवस्था को चुनौती देती एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। राज्य के एक स्पा सेंटर में हफ्ता वसूली (Extortion) को लेकर हुए विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि अपराधियों ने मानवता को शर्मसार कर दिया। खबर है कि स्थानीय गुंडों ने स्पा प्रबंधन के रंगदारी देने ((Extortion in Kerala) ) से इनकार करने पर वहां काम करने वाली एक महिला कर्मचारी को अपनी हवस का शिकार बनाया (Kerala Spa Rape Case)। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है और व्यापारी वर्ग में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिस सूत्रों और स्थानीय जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला जबरन वसूली से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि इलाके के कुछ कुख्यात बदमाश पिछले कुछ समय से स्पा मालिकों पर 'प्रोटेक्शन मनी' यानि हफ्ता देने के लिए दबाव बना रहे थे। स्पा प्रबंधन ने मंदी और व्यापारिक दिक्कतों का हवाला देते हुए उनकी यह मांग मानने से साफ तौर पर इनकार कर दिया था। गुंडों को यह इनकार नागवार गुजरा और उन्होंने इसे अपनी साख का सवाल बना लिया।
पैसे न मिलने से बौखलाए असामाजिक तत्व जबरन स्पा सेंटर में घुस आए। चश्मदीदों के मुताबिक, उन्होंने पहले वहां जम कर तोड़फोड़ की और स्टाफ को डराया-धमकाया। जब इससे भी उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने वहां मौजूद एक महिला कर्मचारी को बंधक बना लिया। आरोप है कि बदला लेने की नीयत से आरोपियों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पीड़िता को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गैंगरेप, जबरन वसूली, मारपीट और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस स्पा के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
स्थानीय लोग: घटना के विरोध में स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि रिहाइशी और व्यावसायिक इलाकों में गुंडों का इतना बढ़ा हुआ मनोबल पुलिस की नाकामी दर्शाता है।
राजनीतिक दल: विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा है कि केरल में 'गुंडा राज' की वापसी हो रही है। उन्होंने गृह विभाग से सवाल किया है कि आखिर दिनदहाड़े ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं?
व्यापार मंडल: स्पा और वेलनेस सेंटर एसोसिएशन ने भी घटना की कड़ी निंदा की है और सरकार से अपने कर्मचारियों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन विशेष टीमों (SIT) का गठन किया है। संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर रही है, जो केस को मजबूत बनाने में अहम सबूत होगा।
डॉक्टरों की टीम पीड़िता की सेहत पर नजर बनाए हुए है और पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है ताकि कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
सॉफ्ट टारगेट बनते सर्विस सेक्टर की महिलाएं यह घटना एक बड़ी सामाजिक समस्या की ओर इशारा करती है। सर्विस सेक्टर, विशेषकर स्पा और सैलून में काम करने वाली महिलाएं अक्सर अपराधियों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' बन जाती हैं।
अपराधी जानते हैं कि स्पा से जुड़े मामलों में लोग बदनामी के डर से पुलिस के पास जाने से बचते हैं, जिसका फायदा वे उठाते हैं।
कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बाउंसर या सुरक्षा गार्ड्स की कमी होती है, जिससे गुंडों को मनमानी करने की छूट मिल जाती है।
यह घटना बताती है कि शहरों में हफ्ता वसूली का एक संगठित गिरोह काम कर रहा है, जो छोटे और मध्यम व्यापारियों को निशाना बना रहा है।