
Ketan Agarwal Death Case: पुणे के लोहागढ़ फोर्ट में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। अब आरोपी सिया गोयल के वकील अशोक श्रीवास्तव ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनकी मुवक्किल के खिलाफ ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि केतन की मौत के लिए वह जिम्मेदार हैं। सिया गोयल के वकील ने कहा कि इस मामले में न तो कोई चश्मदीद गवाह है और न ही कोई गवाह, जिसने घटना को होते हुए देखा हो।
वकील अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि शुरुआत में पुलिस ने केतन अग्रवाल की मौत को दुर्घटना के रूप में दर्ज किया था। बाद में जांच के दौरान कुछ ऐसे पहलू सामने आने का दावा किया गया, जिसके बाद मामले को हत्या और साजिश के एंगल से देखा जाने लगा। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और फिलहाल ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं है, जो उनकी क्लाइंट को इस कथित अपराध से जोड़ता हो।
उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा गवाह या चश्मदीद गवाह है जो यह कह सके कि उसने ऐसा होते हुए देखा। और न ही कोई ऐसा सबूत है जो यह साबित करे कि मेरे क्लाइंट ने ऐसा किया है।
पुणे के डीएसपी गजानन टोम्पे ने कहा कि मामले की जांच के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। पुलिस अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही है और कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। हमने कुछ तकनीकी सबूत इकट्ठा किए हैं और कुछ गवाहों से पूछताछ भी की है। उन्होंने बताया कि सिया के भाई और कुछ रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने चेतन चौधरी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की जांच में कुछ अहम बातें सामने आईं। पुलिस का दावा है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी करीब 6 महीने से संपर्क में थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों के बीच 2,004 कॉल हुईं और करीब 238 घंटे तक बातचीत हुई। पुलिस का कहना है कि कुछ कॉल काफी लंबी थीं और उन्हें कथित साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
चेतन चौधरी के वकील राम शाहने ने कहा कि FIR में कथित अपराध में उसकी भूमिका के बारे में साफ तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। इसमें बस इतना कहा गया है कि वह मुख्य आरोपी का बॉयफ्रेंड है और इसी आधार पर उसे मामले में फंसाया गया है। चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने भी अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
26 साल के केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहागढ़ फोर्ट के पास खाई में गिरने से मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार, वह करीब 350 फीट गहरी खाई में गिरे थे। पुलिस का आरोप है कि घटना वाले दिन सिया और चेतन एक कैफे में मिले थे और इसके बाद लोहागढ़ फोर्ट पहुंचे। दोनों ने ऐसी जगह की पहचान की थी, जहां से केतन को नीचे गिराया जा सकता था। हालांकि, आरोपी पक्ष इन आरोपों से इनकार कर रहा है।