
Jharkhand Protest: संसद में मंगलवार को भारी हंगामा देखने को मिला। एनडीए सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने झारखंड में छात्रों पर हुई लाठीचार्ज को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे अलग मुद्दा बताया। खरगे ने कहा कि हम अपने मुद्दों या मांगों से पीछे नहीं हट रहे हैं। हमारी स्थिति शुरू से ही स्पष्ट और एक जैसी रही है। हमारे तीन प्रमुख मुद्दे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पहला मुद्दा छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और गोलीबारी से जुड़ा है। हम जानना चाहते हैं कि लाठीचार्ज और फायरिंग के आदेश किसने दिए और यह सब कैसे हुआ। हम चाहते हैं कि इस संबंध में सदन में सरकार की ओर से बयान दिया जाए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि दूसरा, लाठीचार्ज के कारण कई छात्र बीमार हुए और कई को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। 100 से अधिक छात्रों को मामूली चोटें आईं और कई छात्र पैलेट गन की गोलियों से घायल हुए। हम इस मामले में भी सरकार की ओर से सदन में बयान चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से बयान देने की कोई इच्छा दिखाई नहीं दे रही है। वे केवल जल्दबाजी में एक छोटी-सी टिप्पणी करके आगे बढ़ जाना चाहते हैं। उनका इरादा यही है।
खरगे ने कहा कि तीसरा मुद्दा माफी की मांग है। ये तीनों मुद्दे शुरुआत से हमारे सामने हैं, आज भी प्रासंगिक हैं और जब तक इनका समाधान नहीं होता, तब तक ये मुद्दे बने रहेंगे।
वहीं इस दौरान मीडिया से बात करते हुए झारखंड में विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर की गई लाठीचार्ज को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह एक अलग मुद्दा है। अगर सैकड़ों मुद्दे हैं, तो क्या उन सभी पर एक साथ चर्चा की जा सकती है? क्या हम हर एक मुद्दे को उसी दिन सदन में उठाएंगे?
प्रदर्शन के बारे में बीजेपी सांसद मयंक नायक ने कहा कि हमने आज प्रोटेस्ट किया क्योंकि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन अपोजिशन को भी तैयार रहना चाहिए। वे अब अपना असली चेहरा दिखा रहे हैं।