
सदन में छात्र आंदोलन पर अमित शाह देंगे जवाब (Photo-IANS)
Monsoon Session: सोमवार को मोदी सरकार ने कहा कि वह छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। इसको लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का प्रस्ताव बहुत साफ है। वह छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर पूरी और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
इस दौरान उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि चर्चा और जवाब के दौरान गृह मंत्री के बयान में बाधा न डाली जाए। विपक्ष को गृह मंत्री और सरकार का जवाब सुनना चाहिए। एक बार चर्चा शुरू हो तो उस पर पूरी तरह से बात होनी चाहिए।
बता दें कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में संसद चलो मार्च का आयोजन किया गया था। इस दौरान पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी आमने-सामने हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके अलावा पुलिस पर पैलेट गन चलाने का भी आरोप लगा।
विपक्ष ने इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाया। विपक्ष की मांग की थी कि केंद्रीय गृह मंत्री इस मुद्दे पर सदन में आए और अपना बयान दें।
संसद में अमित शाह के जवाब देने के कहने पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि मैंने नहीं देखा कि उन्होंने (गृह मंत्री ने) क्या कहा है, लेकिन मुझे जो जानकारी मिल रही है और हमारी अलग-अलग बैठकों में जो चर्चा हुई है, उसके अनुसार मुख्य मुद्दा गृह मंत्री का छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और पुलिस की बर्बरता पर बयान देना है।
उन्होंने कहा कि हमें अभी तक इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है कि गृह मंत्री छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई और पुलिस की बर्बरता के मुद्दे पर बोलेंगे या नहीं। इस संबंध में सरकार की ओर से कोई स्पष्टता नहीं आई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट रूप से नहीं बताया है कि वह अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में कथित भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के मुद्दे पर बहस कराने के लिए तैयार है या नहीं
Updated on:
10 Aug 2026 02:19 pm
Published on:
10 Aug 2026 02:19 pm
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