
Congress: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध के बीच कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद करने और ट्रेन सेवाएं रद्द किए जाने के फैसलों पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने कहा कि जो आदमी डरता है, आज या कल मरता है। इस बीच, वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी सांसद शुक्रवार को संसद के संविधान सदन में जुटे हैं।
विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार रात 8 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायतें रखने और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था। राष्ट्रपति भवन ने 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का समय दिया है।
संसद पहुंचे मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति से इसलिए मिलना चाहता है, क्योंकि उसके मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों के कारण देश में ऐसी स्थिति पैदा हुई है, जिससे लोकतंत्र पर खतरा नजर आ रहा है। खरगे ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति को इन सभी मामलों की जानकारी देगा। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। ये विपक्ष के आरोप हैं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और फैसलों को लेकर विवाद जारी है।
कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 विपक्षी सांसद राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं। उनके मुताबिक, सांसद अपने संसदीय क्षेत्र और राज्यों में SIR प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं की जानकारी राष्ट्रपति को देना चाहते हैं। नासिर हुसैन ने दावा किया कि राष्ट्रपति भवन की ओर से फिलहाल केवल 10 लोगों को मुलाकात की अनुमति मिली है। उन्होंने राष्ट्रपति से सभी सांसदों की बात सुनने की अपील की।
INDIA ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत अन्य विपक्षी नेता शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी शिकायतें रखेगा। विपक्षी सांसद पिछले कई दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। विपक्ष का कहना है कि वह चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है।