
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या और उनकी 14 महीने की पोती की मौत ने पूरे देश में अमेरिका में प्रति भारी नाराजगी पैदा कर दी है। दोनों के जनाजे में लाखों लोग सड़कों पर उतरे।
इस बीच, मिडिल ईस्ट प्रकरण पर नजर रखने वाले एनालिस्ट वाएल अव्वाद ने बताया कि दोनों तरफ पूरे युद्ध की कोई इच्छा नहीं है, लेकिन छोटे-छोटे हमले जारी हैं।
वाएल अव्वाद ने बताया कि खामेनेई का जनाजा इतिहास का सबसे बड़ा जनाजा था। इसे ईरान से लेकर इराक तक ले जाया गया। एक आम धार्मिक नेता को दिनदहाड़े मार दिया गया, उसकी नन्ही पोती भी इस हमले में मारी गई। अमेरिका और इजराइल ने इसे लेकर खुशी भी जताई।
अव्वाद ने कहा- इससे ईरानी लोगों में भारी गुस्सा है। लोग अब अपनी सरकार के साथ खड़े हैं और किसी भी आक्रमण का मुकाबला करने को तैयार हैं। यह घटना ईरान को अंदर से मजबूत कर रही है। सड़कों पर सहानुभूति की लहर है और लोग अपनी लीडरशिप को सपोर्ट कर रहे हैं।
एनालिस्ट ने बताया कि अमेरिका और ईरान दोनों ही पूरे युद्ध को बढ़ाने से बच रहे हैं। मिडिल ईस्ट देशों में अमेरिकी बेसों पर ईरान के जवाबी हमले हुए, जॉर्डन में भी कार्रवाई हुई, लेकिन दोनों पक्ष इसे सीमित रख रहे हैं।
अव्वाद ने एनएनआई से बातचीत में कहा- यह साफ संकेत है कि दोनों देश अभी बड़े युद्ध में नहीं जाना चाहते। टाइट-फॉर-टैट हमले हो रहे हैं, लेकिन सब कुछ कंट्रोल में है।
उधर, गल्फ देश, तुर्की, कतर और सऊदी अरब बैकडोर डिप्लोमेसी के जरिए ईरान व अमेरिका के बीच सुलह कराने में जुटे हैं।
इनका मकसद दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाना है। सुरक्षा समझौते को लागू करने का तरीका तय करना है। अव्वाद ने कहा कि दोनों तरफ सहमति है, बस बारीकियों पर चर्चा बाकी है।
दूसरी तरफ इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। इजराइल हर स्थिति के लिए तैयार है। इस बयान ने इलाके में फिर से तनाव बढ़ा दिया है।