
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय ।( फोटो: ANI)
CM Vijay Government Job Appointment letter: करूर भगदड़ मामले को लेकर तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय शुक्रवार को करूर पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने करूर हादसे को अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बताया। अपने संबोधन में उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने डीएमके सरकार पर तीखा हमला बोला और पीड़ितों की याद में स्मारक बनाने का ऐलान किया।
सीएम विजय ने कहा कि कोई व्यक्ति चाहे कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए, मन में बसे कुछ घाव और दर्द को भुला नहीं सकता। करूर की घटना ही वह घटना थी जिसने मुझे सबसे अधिक पीड़ा और दुख पहुंचाया। सीएम ने डीएमके सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, 'डीएमके नेता कहते हैं कि मैं दर्द से तड़पता हुआ भाग गया और छिप गया।' 'मैंने तब भी कहा था, मैं आज भी कहूंगा मैं कल भी कहूंगा मैं कल भी कहूंगा। पैसा या लोग, अगर आप मुझसे पूछें, तो मेरे लिए मेरे लोग ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।'
पिछले साल 27 सितंबर को करूर में आयोजित TDP की चुनावी रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी। तमिलनाडु सरकार ने मृतकों के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी थी, जबकि TDP की ओर से प्रत्येक परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया।
इसी बीच मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर मदुरै हाईकोर्ट की पीठ में भी सुनवाई हुई। अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत अस्थायी नियुक्तियां देने की अनुमति दी।
करूर स्थित एटलस एरीना में आयोजित कार्यक्रम में सीएम विजय ने भगदड़ में जान गंवाने वाले 32 परिवारों में से एक परिजन को उसकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा।
सीएम विजय ने अपने भाषण में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पेराम्बालूर जाने से पहले पुलिस ने हमें वहां न जाने की सलाह दी थी क्योंकि वहां बहुत भीड़ थी। नमक्कल से करूर पहुंचने पर वहां की पुलिस ने हमें सतर्क क्यों नहीं किया। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ही हमें हाईवे से घटनास्थल तक लेकर आई थी। उन्होंने ही हम पर दबाव डाला और कहा अगर ऐसा हुआ तो यह करो, वह करो, और अगर वैसा हुआ तो यह करो।
सीएम विजय ने घोषणा की कि करूर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की याद में स्मारक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि करूर में उनके नाम पर एक स्मारक बनाया जाएगा ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की राजनीतिक चाल चलने के बारे में न सोचे। साथ ही उन्होंने कहा कि थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम अरिग्नार अन्ना के जन्मदिन पर शुरू की जाएगी।
Updated on:
10 Jul 2026 04:32 pm
Published on:
10 Jul 2026 04:32 pm
