
बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश (फोटो- दीपक प्रकाश फेसबुक)
Bihar Panchayat Tax: बिहार सरकार ने हर ग्रामीण परिवार से 1,200 रुपये का सालाना पंचायत टैक्स वसूलने की अटकलों पर स्थिति साफ कर दी है। नालंदा के बिहार शरीफ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि राज्य सरकार बिहार के आम लोगों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालेगी। उन्होंने बताया कि पंचायत की आमदनी बढ़ाने के लिए 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत पीने के पानी और साफ-सफ़ाई जैसी सुविधाओं के बदले इस टैक्स का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन बिहार सरकार इस उपाय का समर्थन नहीं करती है। मंत्री ने कहा कि ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ डाले बिना पंचायत की आमदनी बढ़ाने के लिए वैकल्पिक तरीके अपनाए जाएंगे।
नालंदा के बिहारशरीफ स्थित सर्किट हाउस में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने ग्रामीण परिवारों से 1200 रुपये वार्षिक टैक्स वसूले जाने की चर्चाओं पर स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ऐसा कोई टैक्स लागू नहीं करेगी और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा। मंत्री ने बताया कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों में पंचायतों के आय के सोर्स बढ़ाने की बात कही गई है। इसी के तहत पेयजल, सफाई जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए गांव के प्रत्येक घर से सालाना 1200 रुपये लेने का प्रावधान सुझाया गया था।
दीपक प्रकाश ने कहा किबिहार सरकारने पंचायती राज मंत्रालय के सामने यह मुद्दा उठाया है। राज्य का कहना है कि बिहार की आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए इस व्यवस्था से शुरुआती दौर में छूट दी जानी चाहिए। सरकार का रुख स्पष्ट है कि ग्रामीण जनता पर किसी भी तरह का नया कर नहीं लगाया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार दूसरे विकल्पों पर विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि पंचायतों की खाली जमीन पर तालाब विकसित कर मछली पालन जैसी गतिविधियों के जरिए आय बढ़ाई जा सकती है। ऐसे कई मॉडल पर सरकार काम कर रही है ताकि पंचायतों की कमाई बढ़े और लोगों पर टैक्स का बोझ भी न पड़े।
Updated on:
10 Jul 2026 04:47 pm
Published on:
10 Jul 2026 04:20 pm
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