
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि एक समय भारत दुनिया की सबसे धीमी गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था, लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है। भारत अब कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है और विकसित देश भी अलग-अलग मामलों में भारत से सलाह लेने लगे हैं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत की आर्थिक स्थिति में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने पिछले कुछ वर्षों में लंबा सफर तय किया है।
उनके मुताबिक, भारत पहले उन अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था जहां विकास की रफ्तार काफी धीमी थी। अब देश कई मोर्चों पर आगे बढ़ रहा है और दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
रिजिजू ने खुलकर कहा कि भारत की बदलती स्थिति का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। अब भारत केवल दूसरे देशों के अनुभवों से सीखने वाला देश नहीं रह गया है, बल्कि कई मामलों में दूसरे देश भी भारत के अनुभव और सुझावों को अहमियत दे रहे हैं।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री ने नशा मुक्त भारत को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा- अगर हम नशा मुक्त भारत हासिल करने में असफल रहे, तो यह विकसित भारत, विकसित भारत के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।'
बता दें कि भारत की अर्थव्यवस्था में बीते वर्षों के दौरान कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। डिजिटल भुगतान का विस्तार, ऑनलाइन सरकारी सेवाएं, बुनियादी ढांचे पर निवेश और कारोबार को आसान बनाने की कोशिशों ने देश की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दी है।
भारत दुनिया के बड़े बाजारों में शामिल है। यहां बड़ी आबादी, तेजी से बढ़ता डिजिटल इस्तेमाल और कारोबार की संभावनाएं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करती हैं। यही वजह है कि वैश्विक आर्थिक चर्चा में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है।
हालांकि, आर्थिक विकास का आकलन केवल विकास दर के आधार पर नहीं किया जा सकता। रोजगार, महंगाई, आम लोगों की आय और ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति भी उतनी ही अहम हैं। इसलिए भारत की उपलब्धियों के साथ इन चुनौतियों पर ध्यान देना भी जरूरी है।
फिलहाल, भारत के सामने रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करने, युवाओं को बेहतर काम दिलाने, किसानों की आय बढ़ाने और आर्थिक असमानता कम करने जैसी चुनौतियां भी हैं।