
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा पर ऐसा आरोप लगाया है जो राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
रिजिजू ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बताया कि राहुल गांधी ने पवन खेड़ा को असम विधानसभा चुनाव के आखिरी पड़ाव में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी सरमा के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए कहा था।
रिजिजू ने ट्वीट में आगे कहा- जब पवन खेड़ा का झूठ उल्टा पड़ा तो उन्हें कांग्रेस की ओर से इनाम के तौर पर राज्यसभा की सीट दे दी गई, जो उनके लायक नहीं थी।
रिजिजू ने साफ कहा कि यह जानकारी उन्हें पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से मिली। बता दें कि असम चुनाव में कांग्रेस ने हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ कई आरोप लगाए थे, जिनमें व्यक्तिगत मुद्दे भी शामिल थे। लेकिन भाजपा ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए जवाबी हमला बोला और चुनाव में बड़ी जीत हासिल की।
असम में 2026 के चुनाव में हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई में भाजपा सत्ता में आई। उस दौरान कांग्रेस की तरफ से कई प्रेस कॉन्फ्रेंस हुईं, जिनमें पवन खेड़ा सक्रिय दिखे।
रिजिजू के मुताबिक, ये आरोप जानबूझकर फैलाए गए थे ताकि मतदाताओं का रुख बदला जा सके। लेकिन जब सच सामने आया और आरोप टिक नहीं पाए, तो पार्टी ने खेड़ा को राज्यसभा भेजकर पुरस्कृत किया।
पवन खेड़ा ने हिमंता बिस्वा सरमा (असम के मुख्यमंत्री) और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए थे। पवन ने रिनिकी भुइयां सरमा पर तीन देशों का पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था।
खेड़ा ने पूछा कि भारत में दो देशों का नागरिक बने रहने की अनुमति नहीं है, तो क्या वे भारतीय नागरिक हैं या नहीं? क्या हिमंता हारने पर विदेश भागने की तैयारी कर रहे हैं?
खेड़ा ने दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस संबंध में दस्तावेज भी दिखाए और जांच की मांग की। हालांकि, रिनिकी और हिमंता ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, फर्जी, AI-जनरेटेड और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि दस्तावेज नकली हैं।
रिनिकी ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। असम पुलिस दिल्ली पहुंची, घर पर छापा पड़ा और बाद में पूछताछ हुई। बाद में खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत भी मिली।