
Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत और कम से कम 25 लोगों के घायल होने के बाद राजनीति तेज हो गई है। RJD सांसद मनोज झा ने राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या मुआवजे के ऐलान से मृतकों के परिजन अपने खोए हुए लोगों को वापस पा सकेंगे? उन्होंने पूछा कि क्या त्योहारों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तय नियमों की अनदेखी की गई थी?
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से की गई घोषणाओं पर नाराजगी जताते हुए RJD सांसद ने कहा कि किसी भी हादसे के बाद सिर्फ मुआवजे की राशि का ऐलान कर देना काफी नहीं होता। उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या सरकार की तरफ से दी जाने वाली आर्थिक मदद से उन बेकसूर परिवारों के खोए हुए सदस्य वापस आ सकेंगे?'
मनोज झा ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि आजकल प्रशासनिक व्यवस्था में इंसानी जिंदगियों और मौतों को सिर्फ एक आंकड़ा समझ लिया जाता है। उन्होंने कहा कि तंत्र के इस ढीले रवैये के कारण अब आम जनता का सरकारों की व्यवस्था से भरोसा उठता जा रहा है।
दूसरी ओर, स्थिति को संभालने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने भी कदम उठाए हैं। राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वीकार किया कि यह मामला कुप्रबंधन का परिणाम था।
मामले की तह तक जाने और लापरवाही की वजहों का पता लगाने के लिए सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इसके साथ ही सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। वहीं, भगदड़ में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक सहायता के तौर पर 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
घटना के बाद शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अराजकता को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद के निर्देशों के अनुसार, शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है।
बोबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेंट्रल एवेन्यू, कॉलेज स्ट्रीट, कोलूटोला स्ट्रीट और ईडन हॉस्पिटल रोड से घिरे इलाकों में सुरक्षा सख्त कर दी गई है।आदेश के तहत निर्धारित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के अनधिकृत रूप से एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा, लाठी या किसी भी तरह के घातक अथवा खतरनाक हथियार लेकर चलने की मनाही होगी। सार्वजनिक शांति भंग करने या कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।