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Lakhimpur Kheri Case: पंजाब-हरियाणा के पूर्व जज की निगरानी में होगी जांच, SC ने SIT में भी किए फेरबदल

Lakhimpur Kheri Case लखीमपुर खीरी में अक्टूबर में हुई हिंसा के मामले की जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के पूर्व जजों जिम्मेदारी सौंपी है। दरअसल कोर्ट ने पहले ही बता दिया था कि बुधवार को मामले की जांच की निगरानी के लिए रिटायर्ड जज की नियुक्ति की जा सकती है

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Nov 17, 2021

नई दिल्ली। लखीमपुर हिंसा मामले ( Lakhimpur Kheri Violence ) में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सर्वोच्च अदालत ने जांच की निगरानी का जिम्मेदारी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज राकेश कुमार जैन को दी है।

साथ ही कोर्ट ने मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम में तीन वरिष्ठ आईपीएएस आधिकारियों की भी नियुक्ति की है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि मामले में रोजाना की जाने वाली जांच कि कार्यवाही और कार्रवाई कि निगरानी पंजाब और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस राकेश कुमार जैन करेंगे।

लखीमपुर खीरी में अक्टूबर में हुई हिंसा के मामले की जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के पूर्व जजों जिम्मेदारी सौंपी है। दरअसल कोर्ट ने पहले ही बता दिया था कि बुधवार को मामले की जांच की निगरानी के लिए रिटायर्ड जज की नियुक्ति की जा सकती है।

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अब मामले की अगली सुनवाई एसआईटी की ओर से जांच की स्टेटस रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही होगी।

SIT में इनको किया शामिल
सुप्रीम कोर्ट ने 3 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों एसबी शिरोडकर, दीपेंदर सिंह और पद्मजा चौहान को एसआईटी पैनल में शामिल किया है।

बता दें कि 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में किसान आंदोलनकारियों पर भाजपा समर्थकों की एक कार चढ़ गई थी, जिसमें 4 किसानों और एक पत्रकार की मौत हो गई थी। इसके बाद भड़की हिंसा में तीन लोगों की पिटाई से मौत हो गई थी। इस मामले में यूपी पुलिस ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा भी है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मिश्रा की बेल अर्जी भी खारिज कर दी थी।

Published on:
17 Nov 2021 02:41 pm
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