US Attack Venezuela: वाम दलों ने मोदी सरकार से अपील की कि वह दुनिया के विभिन्न देशों की तरह अमेरिका की आक्रामकता की आलोचना करे और वेनेजुएला के साथ एकजुटता दिखाए।
US action against Venezuela: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वामपंथी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए उन्होंने मोदी सरकार से इस पर सख्त और स्पष्ट रूख अपनाने की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में सीपीआई(एम), सीपीआई, सीपीआई(एमएल), आरएसपी और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने भाग लिया। इन दलों ने मोदी सरकार से अपील की कि वह दुनिया के विभिन्न देशों की तरह अमेरिका की आक्रामकता की आलोचना करे और वेनेजुएला के साथ एकजुटता दिखाए।
बता दें कि विरोध प्रदर्शन के दौरान वाम दलों ने अमेरिका पर साम्राज्यवादी सैन्य आक्रमण करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि वैश्विक स्तर पर इस कार्रवाई की निंदा होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला वहां के तेल संसाधनों पर कब्जा जमाने के इरादे से किया है।
वेनेजुएला पर अमेरिका द्वारा हमला करने के बाद वाम दलों ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि अमेरिका की यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन करते हुए एक संप्रभु राष्ट्र पर हमला है।
संयुक्त बयान में कहा गया, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा करने की बात कही, जिससे इस आक्रामकता के पीछे की वास्तविक मंशा उजागर होती है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इससे भी आगे बढ़ते हुए क्यूबा और मेक्सिको को अगला निशाना बनाए जाने की चेतावनी दी।”
बता दें कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमले किए। अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अब अमेरिका वेनेजुएला का प्रशासन संभालेगा।