Maharashtra ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार कड़े कदम उठा रही हैं। इसके चलते जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों के लिए 7 दिन का क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया गया है, इसके साथ ही अन्य राज्यों से आने वालों के लिए भी आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है।
नई दिल्ली। कोरोना के ओमिक्रोन वैरियंट ( Omicron variant ) को लेकर देशभर में सरकारें सतर्क नजर आ रही हैं। इस खतरे से निपटने के लिए हर जरूरी कदम भी उठाए जा रहे हैं ताकि दूसरी लहर की तरह कोई भी लारवाही मुश्किलें ना बढ़ाए।
इसी कड़ी में अब महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उद्धव सरकार ने ओमिक्रॉन वैरिएंट से प्रभावित देशों से आने वालों के लिए क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया है। जबकि दूसरे राज्यों से आने वालों के लिए भी आरटी-पीसीआर जरूरी होगा।
महाराष्ट्र सरकार ने “जोखिम वाले” देशों से राज्य में आने वाले यात्रियों के लिए संस्थागत क्वारंटीन (institutional quarantine) अनिवार्य कर दिया और साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए फुल वैक्सीनेशन के बावजूद आरटी-पीसीआर अनिवार्य (RT-PCR mandatory) कर दिया है।
इस आदेश के बाद, मुंबई के लिए उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने की संभावना भी जताई जा रही है। दरअसल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की राज्य कार्यकारी समिति ने महाराष्ट्र में हवाई यात्रा पर प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से घोषित किए हैं।
समिति की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 'भारत सरकार की ओर से 28 नवंबर, 2021 के दिशानिर्देशों के साथ-साथ भविष्य में यदि कोई और प्रतिबंध हों तो वह लगाए जाने वाले न्यूनतम प्रतिबंधों के रूप में कार्य करेंगे।'
7 दिन का क्वारंटीन अनिवार्य
जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर विमान से उतारा जा सकता है और उनकी जांच के लिए एमआईएएल और एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से अलग काउंटर की व्यवस्था की जाएगी।
इन यात्रियों को अनिवार्य रूप से 7 दिवसीय संस्थागत क्वारंटीन और इन यात्रियों को 2, 4 और 7 दिनों में आरटी-पीसीआर परीक्षण से गुजरना होगा।
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड सभी एयरलाइनों के साथ प्रोफार्मा साझा करेगा। इसके साथ ही बीते 15 दिन में यात्रा के संबंध में जानकारी आगमन पर आप्रवासन ( Immigration ) की ओर से क्रॉस-चेक की जाएगी।
यात्रियों की ओर से मुहैया कराई गई गलत जानकारी पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। ये कार्रवाई आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की संबंधित धाराओं के तहत की जाएगी।