महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती किया गया है। दरअसल दाऊद इब्राहिम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें बीते बुधवार को ईडी के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था।
महाराष्ट्र से बड़ी खबर सामने आई है। यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और उद्धव सरकार में मंत्री नवाब मलिक की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। दो दिन पहले ही ईडी ने उन्हें अपनी हिरासत में लिया था। बताया जा रहा है कि हिरासत में भी एनसीपी नेता की शुक्रवार को तबीयत बिगड़ गई है। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत जेजे अस्पताल ले जाया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक नवाब मलिक को अस्पताल में ही भर्ती कर दिया गया है। बता दें कि नवाब मलिक पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ कनेक्शन होने का शक है। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस के चलते ईडी ने 3 मार्च तक के लिए हिरासत में लिया है।
एनसीपी नेता नवाब मलिक को बुधवार को कोर्ट में पेश करने के बाद ईडी की हिरासत में भेजा दिया गया था। इस दौरान मलिक ने हाथ दिखाकर अपने समर्थकों से कहा था कि, हम लड़ेंगे और जीतेंगे भी। इसके साथ ही एनसीपी और शिवसेना समेत कई नेताओं ने मलिक को हिरासत में लिए जाने को राजनीति से प्रेरित बताया था।
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शुक्रवार को जानकारी सामने आई है कि नवाब मलिक को मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती किया गया है। हालांकि इस बात की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है कि, मलिक की तबीयत क्यों बिगड़ी और उन्हें ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है।
इस मामले में हुई नवाब मलिक की गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) ने एनसीपी नेता नवाब मलिक की गिरफ्तारी के बाद पूरी कहानी से पर्दा उठाया। ईडी ने कोर्ट में बताया था कि, मंत्री नवाब मलिक ने कथित रूप से मुनिरा प्लंबर से 300 करोड़ रुपए का प्लाट कुछ लाख रुपए में एक कंपनी के जरिए हड़पा था।
ईडी के मुताबिक इस कंपनी का नाम सॉलिड्स इन्वेस्टमेंट प्रा.लि. है और कंपनी का मालिक मलिक परिवार ही है। ईडी ने आरोप लगाया है कि नवाब मलिक अपनी इस कंपनी को वे दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की मदद से चलाते रहे।
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