
Mahua Moitra Attacks TMC MPs: तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने पार्टी के बागी सांसदों पर फिर से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे संविधान को गलत समझ रहे हैं और संसद में अलग गुट के तौर पर मान्यता मांगने का उनके पास कोई कानूनी आधार नहीं है। X पर एक पोस्ट में मोइत्रा ने कहा कि सभी 19 बागी सांसदों को इस्तीफा देकर BJP के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहिए।
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा कि साल 2003 में संविधान के 91वें संशोधन के बाद स्प्लिट यानी अलग गुट बनाने का प्रावधान खत्म कर दिया गया था। उन्होंने लिखा कि केवल सांसदों की संख्या बढ़ जाने से किसी समूह को अलग पहचान नहीं मिल सकती। अगर किसी दल के दो-तिहाई सदस्य किसी दूसरे राजनीतिक दल में विलय करना चाहते हैं, तभी संविधान में उसकी अनुमति है। महुआ मोइत्रा ने बागी सांसदों को निशाना बनाते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में टीएमसी से अलग होना चाहते हैं तो उन्हें इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहिए।
टीएमसी के 19 बागी सांसदों ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। इसके बाद पार्टी के भीतर सियासी घमासान तेज हो गया है। महुआ मोइत्रा का कहना है कि भले ही बागी खेमे को टीएमसी के दो-तिहाई सांसदों का समर्थन मिल जाए, तब भी वे अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता हासिल नहीं कर सकते। उनके पास केवल किसी अन्य दल में विलय का विकल्प होगा।
महुआ मोइत्रा ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के 2023 के एक महत्वपूर्ण फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सुभाष देसाई बनाम महाराष्ट्र के राज्यपाल के प्रधान सचिव मामले में पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस विषय पर स्पष्ट फैसला दिया था। उनके अनुसार, संविधान और दल-बदल कानून के तहत अलग गुट बनाने की कोई व्यवस्था अब मौजूद नहीं है।
पार्टी के भीतर तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। हाल ही में दिल्ली स्थित टीएमसी कार्यालय से पार्टी के पोस्टर हटाए जाने की घटना ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया। इसके अलावा राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफों ने भी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।