
Arup Roy AITC Chairperson Controversy: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के अध्यक्ष पद पर अरूप रॉय की नियुक्ति को लेकर विपक्षी खेमे पर तीखा और करारा हमला बोला है। इसके साथ ही उन्होंने टीएमसी नेताओं की लगातार हो रही गिरफ्तारियों और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भी अपनी गंभीर नाराजगी व्यक्त की है।
अरूप रॉय को एआईटीसी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के फैसले पर महुआ मोइत्रा ने इसे पूरी तरह से हास्यास्पद बताया। उन्होंने इसे 'थिएटर ऑफ द एब्सर्ड' (बेतुका नाटक) करार देते हुए कहा कि हमारे संविधान के तहत, यह पूरी तरह से ममता बनर्जी की पार्टी और उनका ही चुनाव चिह्न है। बंगाल का हर एक विधायक और सांसद ममता बनर्जी के नाम और उनके प्रतीक चिन्ह के दम पर चुनाव जीतकर आया है।
वामपंथ से जुड़े नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि कोई व्यक्ति सीपीआईएम (CPM) से आता है और इस तरह के दावे करता है, यह पूरी तरह से पागलपन है। जिसे इस विषय की कोई जानकारी नहीं है, जो पूरी तरह से अशिक्षित है, वह कुछ भी दावा कर सकता है। अगर दावों की ही बात है, तो आज मैं भी यह कह सकती हूँ कि मैं इंग्लैंड की महारानी हूं।
महुआ मोइत्रा ने राज्य में हाल ही में गिरी सरकार के बाद टीएमसी नेताओं और मंत्रियों की लगातार हो रही गिरफ्तारियों पर भी गहरा रोष जताया। उन्होंने कहा कि 4 मई के बाद से एक भी दिन ऐसा नहीं बीता है जब तृणमूल के किसी मंत्री या नेता को गिरफ्तार न किया गया हो।
उन्होंने पुलिसिया कार्रवाई के तौर-तरीकों पर उंगली उठाते हुए कहा कि बिना किसी अदालत के फैसले या निष्पक्ष ट्रायल के पुलिस किसी को भी गिरफ्तार करके सड़क पर रस्सी से बांधकर नहीं घुमा सकती। कानून की सीमाएं होती हैं और इस अमानवीय कृत्य के लिए वर्तमान व्यवस्था को जवाब देना होगा।
महुआ मोइत्रा ने साल 2011 का जिक्र करते हुए कहा कि जब ममता बनर्जी पहली बार सत्ता में आई थीं, तब उन्होंने नारा दिया था— 'बदला नहीं, बदलाव चाहिए।' लेकिन साल 2021 के बाद से विरोधी ताकतों ने केंद्रीय एजेंसियों (CBI और CID) का दुरुपयोग करके टीएमसी को निशाना बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति का कोई हिंदू या मुस्लिम धर्म नहीं होता, बल्कि उसका एकमात्र कर्तव्य 'राजधर्म' का पालन करना होता है।