
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बगावत के बाद बड़ा फेरबदल किया गया है। टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने आज पार्टी नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें छह नेताओं को नई जिम्मेदारी दी गई।
टीएमसी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने शनिवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में दो बड़े बदलाव किए गए। अनुशासन समिति को नया रूप दिया गया है और राष्ट्रीय कार्य समिति में एक नया चेहरा शामिल किया गया है।
कुणाल घोष ने बताया कि बैठक में सबसे पहले अनुशासन समिति को लेकर फैसला लिया गया। अब यह समिति पांच सदस्यों की होगी। इसमें जिन लोगों को शामिल किया गया है, उनमें डेरेक ओ ब्रायन, अशिमा पात्रा, सुभाषिश चक्रवर्ती, डोला सेन और सोभनदेव चट्टोपाध्याय हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह बदलाव पार्टी में अनुशासन बनाए रखने और किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करने के मकसद से किया गया है। टीएमसी लंबे समय से अपनी आंतरिक मजबूती पर जोर दे रही है, खासकर जब विपक्षी दलों से लगातार हमले हो रहे हैं।
बैठक का दूसरा बड़ा फैसला राष्ट्रीय कार्य समिति में सांसद नादिमुल हक को शामिल करने का रहा। कुणाल घोष ने बताया कि अब नादिमुल हक भी राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य बन गए हैं।
नादिमुल हक टीएमसी के युवा और सक्रिय चेहरों में गिने जाते हैं। उनका नाम पिछले कुछ समय से चर्चा में रहा है। पार्टी के अंदर उन्हें बढ़ावा देकर नई ऊर्जा लाने की कोशिश की जा रही है।
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी लगातार अपनी राष्ट्रीय उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश कर रही है। हाल के महीनों में कई राज्यों में टीएमसी अपनी शाखाएं खोल रही है और स्थानीय नेताओं को जोड़ रही है।
ऐसे में राष्ट्रीय कार्य समिति और अनुशासन समिति जैसे अहम अंगों में बदलाव को पार्टी की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि आने वाले दिनों में और भी कुछ संगठनात्मक बदलाव हो सकते हैं।