
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना चीफ राज ठाकरे (इमेज सोर्स: ANI)
MNS Chief Raj Thackeray Statement: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना चीफ राज ठाकरे ने कहा कि मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी कि SIR को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इससे बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। पहले भी हमने देखा है कि वोटर लिस्ट पर ध्यान न देने के क्या परिणाम हो सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज राजनीति में सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए विधायकों और सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल करने की कोशिशें हो रही हैं। इस वजह से लोगों के असली और जरूरी मुद्दे पीछे छूट रहे हैं।
राज ठाकरे ने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर घर-घर सर्वे के दौरान भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद रहते हैं। तब वे यह देखने की कोशिश करते हैं कि किस घर में उनके समर्थक हैं और कौन उनके समर्थक नहीं हैं। अगर उन्हें लगता है कि कोई उनका समर्थक नहीं है, तो उसका नाम वोटर लिस्ट से हटवाने की कोशिश की जाती है।
अभी की राजनीति और चुनावी तरीकों को देखते हुए इस प्रक्रिया से कुछ भला होने की उम्मीद नहीं है। अगर कुछ हो भी जाता है, तो बाद में दूसरी पार्टियों के विधायक और सांसद को वो लोग अपनी ओर खींच लिए जाते हैं। कोई कुछ नहीं कर पाता।
सोशल मीडिया एक्स पर सवाल पूछते हुए उन्होंने लिखा- “जब हम अपनी वोटर लिस्ट पर ध्यान नहीं देते हैं तो क्या हो सकता है। अनदेखी के कारण इसके गंभीर परिणाम आ सकते हैं। ऐसे समय में
कुछ विवादित मुद्दों को जानबूझकर उछाला जाता है ताकि लोगों का ध्यान चुनावी प्रक्रियाओं से हट जाए। ऐसे मामलों में उलझने के बजाय असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में सत्ता हासिल करने के लिए विधायकों और सांसदों को तोड़ने की राजनीति चल रही है, जबकि किसान आत्महत्या, छात्रों की समस्याएं, युवाओं के अपहरण और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दे पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद भी इन घटनाओं पर नजर रखें।
उन्होंने राज्य की बिजली वितरण कंपनी MSEDCL को लेकर भी चिंता जताई। उनका दावा था कि कंपनी के प्रदर्शन को कमजोर दिखाकर उसे निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की जा रही है। उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि सत्ता में कौन है, बल्कि इस बात से है कि सत्ता में बैठे लोग जनता के लिए क्या काम कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आगामी जनगणना काफी महत्वपूर्ण है। कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि यदि लोगों को चुनावी प्रक्रिया और उसके तौर-तरीकों की सही जानकारी नहीं होगी, तो लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ना मुश्किल हो जाएगा।
Updated on:
20 Jun 2026 07:36 pm
Published on:
20 Jun 2026 06:34 pm
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