
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को बेंगलुरु में चल रहे 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं पर भड़कते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
जब कई कार्यकर्ता 'डीके-डीके' का नारा लगा रहे थे, तभी खरगे का पारा चढ़ गया। उन्होंने माइक थामकर सख्त लहजे में कहा कि यह व्यक्तिगत कार्यक्रम नहीं बल्कि पार्टी का कार्यक्रम है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूछा- आप जो यहां नारे लगा रहे हो, उससे क्या पूरे देश पर असर पड़ेगा? यह किसी व्यक्ति का कार्यक्रम नहीं है, यह पार्टी का कार्यक्रम है।'
खरगे ने आगे कहा- तुम लोग बेकार हो, यहां किसी व्यक्ति की पूजा नहीं चलेगी। यह सबको जोड़ने वाली पार्टी का कार्यक्रम है। अपने 58 साल के राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई नेता आए हैं, जिनका पार्टी में योगदान छोटा रहा, लेकिन पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है।
खरगे ने चेतावनी देते हुए कहा- जो भी यहां नारे लगा रहा है, उसकी फुटेज उपलब्ध होगी। मैं फुटेज देखकर अनुशासनात्मक कार्रवाई करूंगा। उनके इस बयान से कार्यक्रम का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया।
संकल्प समावेश कार्यक्रम कांग्रेस की कर्नाटक इकाई द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें पार्टी की एकता और आगामी रणनीति पर चर्चा होनी थी। लेकिन नारे लगाने से कार्यक्रम का फोकस भटक गया।
खरगे ने जोर देकर कहा कि पार्टी में व्यक्तिगत पूजा या गुटबाजी की कोई जगह नहीं है। सबको पार्टी के बड़े लक्ष्य के लिए साथ आना चाहिए। खड़गे का यह गुस्से भरा बयान पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक सख्त संदेश की तरह था।
उन्होंने कहा कि पार्टी सबको साथ लेकर चलती है, लेकिन अनुशासन भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा- मैं 58 साल से राजनीति में हूं, बहुत कुछ देखा है। पार्टी ने सबको मौका दिया है, अब सबको पार्टी के हित में काम करना चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य नेताओं ने भी खरगे के बयान का समर्थन किया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि खरगे चाहते हैं कि आगामी चुनावों और संगठनात्मक कामों में अनुशासन बरता जाए।
'डीके-डीके' नारे कर्नाटक कांग्रेस में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की लोकप्रियता को दर्शाते हैं, लेकिन खरगे ने साफ कर दिया कि ऐसे नारे बड़े कार्यक्रम में अनुचित हैं।