
Vande Mataram Controversy: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्होंने वही वंदे मातरम गाया, जिसे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल ने गाया था। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर इसे गाना अपराध है, तो वे पिछले 18 वर्षों से यह अपराध करते आ रहे हैं। यदि यह अपराध है, तो महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल पर केस दर्ज किया जाना चाहिए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने वंदे मातरम विवाद पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके जन्म से पहले ही कांग्रेस ने देश के लिए कौन से राष्ट्रीय गीत अपनाए जाएं, इस पर एक प्रस्ताव पास कर दिया था। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि आप जो कहेंगे, वही राष्ट्रीय मानक बन जाएगा। कल कोई दूसरी सरकार सत्ता में आ सकती है; अगर वे कुछ कहते हैं, तो वही नियम बन जाएगा। हमने बस उस परंपरा को जारी रखा है, जो 90 सालों से चली आ रही है।"
गौरतलब है कि 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के इशारों और बातचीत का एक वीडियो सामने आया था।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य संगठनों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रीय गीत के पूर्ण संस्करण के गायन में बाधा डालने या इसे बीच में रोकने का प्रयास किया, जिसे राष्ट्रीय सम्मान का अपमान बताया गया। इस संबंध में देश के कई स्थानों पर शिकायतें भी दर्ज कराई गईं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे पिछले 90 वर्षों से चली आ रही पार्टी की परंपरा का पालन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भी यही हिस्सा गाते थे और भाजपा से कांग्रेस को देशभक्ति सीखने की जरूरत नहीं है।
AICC प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को दक्षिण गोवा में PAC की बैठक की अध्यक्षता की। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने कहा, "मैंने अपने सभी नेताओं को बुलाया और उनसे बात की। मैंने इस बात पर जोर दिया कि हमें आने वाला चुनाव एकजुट होकर लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय सरकार हमें डराने और दबाने की कोशिश कर रही है, ऐसी चालें कामयाब नहीं होंगी। लोकतंत्र में, जब कोई सरकार सत्ता में आती है, तो उसे जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। जब दूसरी सरकार सत्ता संभालती है, तो उसे भी नियमों के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। हमारे लोग शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव जीतने के लिए जो भी जरूरी होगा, वह जरूर करेंगे।