Mamata Banerjee on Sanatan Dharma remark: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सनातन धर्म पर कथित टिप्पणी को लेकर एफआईआर दर्ज हुई। उस वक्त भाजपा नेता शुभेन्दु अधिकारी ने भी बयान पर तीखा हमला बोला था।
FIR against Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कथित तौर पर सनातन धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला पिछले वर्ष कोलकाता में आयोजित ईद समारोह के दौरान दिए गए उनके बयान से जुड़ा हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके बयान से सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और साम्प्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा मिला।
यह शिकायत अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, टीएमसी प्रमुख ने कथित रूप से सनातन धर्म को ‘गंदा धर्म’ कहा, जिससे करोड़ों अनुयायियों की भावनाएं गहराई से आहत हुईं।
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान ममता बनर्जी ने कथित रूप से एक भड़काऊ बयान भी दिया था।
अधिवक्ता सिंह ने अपनी शिकायत में कहा कि इस तरह के बयान मतदाताओं को डर और धमकी के जरिए प्रभावित करने तथा सामाजिक अशांति और साम्प्रदायिक तनाव फैलाने के उद्देश्य से दिए गए थे।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 351(1) (आपराधिक धमकी), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और धारा 353(2) शामिल हैं, जो विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच नफरत या वैमनस्य फैलाने से संबंधित है।
इससे पहले मार्च 2025 में वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेन्दु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर धार्मिक भावनाओं का अपमान करने और साम्प्रदायिक बयानबाजी को “हथियार” की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।
एक्स पर किए गए पोस्ट में शुभेन्दु अधिकारी ने ईद-उल-फितर के अवसर पर रेड रोड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा कथित तौर पर ‘गंदा धर्म’ शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठाया था। उन्होंने लिखा था, 'आप किस धर्म की बात कर रही थीं? क्या आप सनातन हिंदू धर्म का उल्लेख कर रही थीं?”
अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी मुस्लिम समुदाय को खुश करने के लिए 'अस्पष्ट और बेतुकी उर्दू भाषा' का इस्तेमाल कर रही हैं, जबकि दूसरे धर्म को नीचा दिखा रही हैं। भाजपा नेता ने यह भी दावा किया था कि मुख्यमंत्री (तत्कालीन) का भाषण धार्मिक से अधिक राजनीतिक था और उन्होंने कार्यक्रम के दौरान ‘दंगा’ शब्द का इस्तेमाल ‘ईद’ से अधिक बार किया।