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तमिलनाडु में AIADMK के चौथे विधायक का इस्तीफा अटका, स्पीकर ने लौटाया पत्र; TVK पर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ का आरोप

JCD Prabhakar denies E Subaya's resignation: तमिलनाडु विधानसभा में AIADMK विधायक के इस्तीफे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्पीकर ने टाइप किए गए इस्तीफे को नियमों का हवाला देकर अस्वीकार किया, जबकि विपक्ष ने इसे ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ से जोड़कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने भी इस मुद्दे पर सरकार और सहयोगी दलों की आलोचना की।

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Tamil Nadu speaker JCD Prabhakar denies E Subaya's resignation.

AIADMK MLA E Subaya meets Tamil Nadu speaker JCD Prabhakar (Photo/ANI)

AIADMK MLA E Subaya resignation: तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने मंगलवार को AIADMK के अंबासमुद्रम विधायक एसाक्की सुबाया का इस्तीफा स्वीकार करने से मना कर दिया। दरअसल, विधानसभा की सदस्यता छोड़ने वाले सुबाया का इस्तीफा इसलिए स्वीकार नहीं किया गया क्योंकि उनका इस्तीफा टाइप किया हुआ था, हाथ से लिखा हुआ नहीं था।

इस संबंध में तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने कहा कि नियमों के अनुसार इस्तीफा हाथ से लिखा होना चाहिए। इसलिए उन्होंने सुबाया को सलाह दी कि वे अपना इस्तीफा स्वयं अपनी लिखावट में दें। इसके विपरीत, सोमवार को AIADMK के तीन विधायकों मरागाथम कुमारवेल, सत्यभामा और जयकुमार ने अपना इस्तीफा सीधे स्पीकर को सौंपा था। इसके बाद इन इस्तीफों को स्वीकार कर लिया गया। ये तीनों विधायक बाद में TVK से जुड़े आधव अर्जुन से भी मिले थे।

स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने कहा कि इन तीनों विधायकों ने नियमों के अनुसार स्वयं जाकर अपना इस्तीफा दिया था, इसलिए उसे स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर इस्तीफा सही प्रक्रिया से नहीं दिया जाता है, तो उसकी जांच की जा सकती है।

TVK पर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ का आरोप

उधर, इस पूरे मामले पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना की है। एमके स्टालिन ने इसे ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त से जोड़ा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार पर निशाना साधा।

विश्वास मत के दौरान AIADMK खेमे में गुटबाजी को याद करते हुए उन्होंने लिखा, 'हॉर्स ट्रेडिंग’ ‘हॉर्स स्पीड’ से हो रही है! सीन 1: बहुमत न होने पर TVK अपने गठबंधन के नेताओं से समर्थन मांगती है। सीन 2: विश्वास प्रस्ताव के दौरान AIADMK के अंदर एक गुट के समर्थन वाले वोट पाने के लिए कीमत पर बातचीत करना, साथ ही बोनस के तौर पर एक AMMK सदस्य को भी चुनना। सीन 3: AIADMK के कुछ सदस्यों के इस्तीफे की योजना बनाना और उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करना, ठीक सेक्रेटेरिएट परिसर में।

उन्होंने आगे कहा, 'क्या लोगों ने आपको सिर्फ ऐसे शर्मनाक नजारे देखने के लिए वोट दिया था? जो लोग ‘शुद्ध शक्ति’ होने का दावा करते थे, वे अब दुख की शक्ति के रूप में उजागर हो गए हैं।'

कांग्रेस की भी आलोचना

स्टालिन ने DMK की पुरानी सहयोगी कांग्रेस की भी आलोचना की और TVK के लिए उनके समर्थन को 'पाखंड' कहा। पोस्ट में लिखा था, 'कांग्रेस पार्टी का BJP के प्रति दिखावटी विरोध, जिसमें उसने एक पत्र दिया था कि वे तभी समर्थन देंगे जब NDA का समर्थन नहीं मांगा जाएगा, अब अपने पूरे दोगलेपन के साथ सामने आ गया है, क्योंकि वे कैबिनेट में बैठकर इस ड्रामे का आनंद ले रहे हैं और इसे बढ़ावा दे रहे हैं।'