
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हलचल मची हुई है। एक और राज्य सभा सांसद कोयल मालिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके जाने से टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है।
कोयल मालिक के इस्तीफे के बाद ममता बनर्जी ने अपने सभी सांसदों और नेताओं को साफ-साफ चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग दबाव में हैं, वे 21 जुलाई से पहले अपना फैसला ले लें और वे जहां जाना चाहें चले जाएं।
ममता बनर्जी ने कहा- मैंने एक सांसद को देखा। मैं उनका सम्मान करती हूं। उन्होंने पहले ईमेल के जरिए पार्टी छोड़ने की सूचना दी थी। आज उन्होंने भाजपा नेता से मुलाकात की। जो दबाव में हैं, वे जो भी फैसला लेना चाहें ले लें और 21 जुलाई शहीद दिवस से पहले जहां जाना चाहें चले जाएं।
कोयल मालिक के इस्तीफे ने टीएमसी में एक बार फिर अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है। कई नेता ऐसे हैं जो पिछले कुछ समय से असंतोष जता रहे थे। ममता बनर्जी ने इस बार कोई लंबा भाषण नहीं दिया। सीधे मुद्दे पर बात की। उन्होंने साफ कर दिया कि पार्टी किसी को रोककर नहीं रखना चाहती।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के बाद से टीएमसी में कुछ सांसदों के मन में असंतोष है। कुछ जगहों पर टिकट बंटवारे को लेकर भी नाराजगी थी।
ममता ने इसे दबाव की राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा के संपर्क में हैं या बाहर जाना चाहते हैं, वे समय बर्बाद न करें।
बता दें कि एक दिन पहले टीएमसी के कद्दावर नेता और विधायक मदन मित्रा ममता को छोड़कर टीएमसी के बागी गुट में शामिल हो गए थे। जाते-जाते मदन ने कहा कि ममता को काफी लोगों का समर्थन है, वे फिर से पार्टी को खड़ा कर लेंगी।
21 जुलाई को शहीद दिवस मनाया जाएगा। यह दिन टीएमसी के लिए खास है। ममता बनर्जी हर साल इस मौके पर बड़े कार्यक्रम करती हैं। इस बार उन्होंने इसे डेडलाइन बना दिया है। पार्टी कार्यकर्ता मान रहे हैं कि इस बयान के बाद कई बड़े फैसले आने वाले हैं।
ममता ने अपनी पुरानी साथी कोयल मालिक का जिक्र करते हुए सम्मान जताया। लेकिन साथ ही साफ संकेत दिया कि पार्टी अब किसी भी तरह की बगावत बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जो जाना चाहते हैं, खुशी-खुशी जा सकते हैं। लेकिन जो रहेंगे, उन्हें पार्टी की नीतियों पर चलना होगा।