
Delhi Protest: कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य नेताओं को डिटेन किए जाने पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस पुलिसिया कार्रवाई को देश में एक 'अघोषित इमरजेंसी' करार दिया है।
सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में युवाओं को उनके लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्रवाई 'अघोषित आपातकाल' जैसी है और असहमति से डरने वाली सरकार युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
अभिजीत दीपके को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज थामने के कारण हिरासत में ले लिया गया है। ज़रा इस बात पर गौर करें। आजाद भारत में, हमारे युवाओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने के लिए हिरासत में लिया जा रहा है। यह एक अघोषित आपातकाल से कम नहीं है। जो सरकार असहमति से डरती है, वह अब पूरी एक पीढ़ी को डरा-धमकाकर चुप कराने की कोशिश कर रही है। यह एक ऐसी फासीवादी सत्ता का रवैया है, जो अपनी नियंत्रण से बाहर की किसी भी आवाज को बर्दाश्त नहीं कर सकती।
ममता बनर्जी ने सीजेपी नेता अभिजीत, आशुतोष और सौरव दास को भारत के युवाओं के साहस, विवेक और उनकी आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करने वाला बताया। उन्होनें कहा कि, सरकार किसी की आवाज दबाकर आप पूरी एक पीढ़ी को चुप नहीं करा सकती। उन्होनें देश के युवाओं से अपील की कि, आपकी दीदी पूरी मजबूती से आपके साथ खड़ी हैं। कोई भी धमकी, कोई भी हिरासत और सत्ता का कोई भी दुरुपयोग लोकतंत्र की भावना को कुचल नहीं सकता। जागो, भारत! लोकतंत्र, आजादी और असहमति जताने के अधिकार के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।
ममता बनर्जी और इंडिया (INDIA) गठबंधन के कई नेताओं ने CJP के इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया है और सरकार द्वारा मेट्रो सेवाओं व अन्य पाबंदियों को लेकर पुलिस प्रशासन पर 'तानाशाही' के आरोप लगाए हैं। वहीं अब कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में लोगों को तिरंगा लहराने से रोकने की सरकार की कार्रवाई की आलोचना की है।