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ममता बनर्जी को बड़ा झटका, बागी गुट का दावा- हमारे साथ 60 विधायक, केशव प्रसाद ने कहा TMC ‘तृण-तृण’ हुई

बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने 60 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। वहीं BJP ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस तृण-तृण हो गई है।
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Jun 03, 2026
MP Police may arrest Mamata Banerjee nephew Abhishek Banerjee
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी photo source patrika.com

Mamata Banerjee Crisis: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के टूट की खबरों के बाद BJP ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए निशाना साधा। केशव प्रसाद ने कहा, 'ममता बनर्जी की निष्ठुरता से उनकी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस, 'तृण-तृण' हुई।' वहीं तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनके साथ 60 विधायक हैं और विधानसभा अध्यक्ष ने उनके गुट को मान्यता दे दी है। बागी खेमे ने खुद को असली TMC बताते हुए नई नेतृत्व टीम का प्रस्ताव भी रखा है।

58 विधायकों का समर्थन, 60 का दावा

ऋतब्रत बनर्जी और उनके समर्थक विधायकों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ बोस से मुलाकात की। इस दौरान 58 विधायकों के हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र भी सौंपा गया। बागी नेताओं का कहना है कि जल्द ही 2 और विधायक उनके साथ जुड़ सकते हैं, जिससे उनकी संख्या 60 हो जाएगी। गुट का दावा है कि विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले ये विधायक तृणमूल कांग्रेस के असली प्रतिनिधि हैं और इसलिए विधानसभा में उन्हें ही वैध विधायक दल माना जाना चाहिए।

विधायक दल के गठन का दावा

ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता बनाने की मांग की गई। साथ ही जावेद खान, संदीपन साहा, सबीना यास्मीन और शिउली साहा को उपनेता बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया। रघुनाथगंज के विधायक अखरुज्जमान को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) बनाने की भी सिफारिश की गई। ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनके गुट को विधायक दल का दर्जा देने की मांग स्वीकार कर ली है।

केशव प्रसाद ने कहा- TMC तृण-तृण हुई

TMC में टूट की खबरों के बीच भारतीय जनता पार्टी की पहली प्रतिक्रिया भी सामने आई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'ममता बनर्जी की निर्ममता से उनकी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस, 'तृण-तृण' हुई।' इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति पर चर्चा शुरू हो गई।

कई बड़े नेता बैठक से रहे दूर

बागी विधायकों की बैठक के बाद राजनीतिक संकेत और स्पष्ट हो गए। बैठक में शामिल कोई भी विधायक 2 जून को कोलकाता में आयोजित ममता बनर्जी के धरने में नजर नहीं आया। वहीं तृणमूल नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले शोभनदेव चट्टोपाध्याय, नयना बंद्योपाध्याय, मदन मित्रा और कुणाल घोष भी 3 जून को विधानसभा में हुई बैठक से दूर रहे।

दो-तिहाई समर्थन का दावा

दलबदल रोधी कानून के तहत किसी अलग गुट को अयोग्यता से बचने के लिए विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी होता है। तृणमूल कांग्रेस के 80 विधायकों के हिसाब से यह संख्या 54 होती है। बागी गुट का दावा है कि उसके पास इससे अधिक विधायकों का समर्थन मौजूद है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व इस चुनौती का जवाब कैसे देता है और आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Updated on:
03 Jun 2026 09:53 pm
Published on:
03 Jun 2026 09:53 pm
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