
Maner triple encounter: पटना के मनेर में गंगा किनारे शुक्रवार को तीन बदमाशों के हुए एनकाउंटर की अब पूरी कहानी सामने आ गई है। पुलिस के मुताबिक, पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार की हत्या में शामिल शूटरों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक खातों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान, जयप्रकाश राय उर्फ जेपी यादव के फेसबुक अकाउंट की लोकेशन ट्रेस हुई और पुलिस टीम संदिग्धों के ठिकाने तक पहुंच गई।
पुलिस के मुताबिक, संजीत कुमार की हत्या में शामिल शूटरों की तलाश कई दिनों से चल रही थी। संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी करने के अलावा पुलिस उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स के साथ-साथ उनके बैंक अकाउंट्स की गतिविधियों पर भी नजर रख रही थी। इस निगरानी के दौरान पुलिस को जेपी यादव के फेसबुक अकाउंट से जुड़ी गतिविधियों और IP लोकेशन का पता चला।
पुलिस का कहना है कि इसी डिजिटल सुराग की मदद से तीनों संदिग्धों के ठिकाने का पता चल सका। गुरुवार आधी रात के बाद करीब 2 बजे लोकेशन कन्फर्म होने के बाद, पटना पुलिस और STF की टीमें उस जगह के लिए रवाना हो गईं।
सटीक लोकेशन मिलने के बाद पटना पुलिस और STF की संयुक्त टीम हरकत में आ गई। चूंकि वह इलाका बेहद सुनसान था और वहां कोई पक्की सड़क नहीं थी, इसलिए किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को भी बुला लिया गया। पुलिस ने रणनीति के तहत शेरपुर मुख्य मार्ग पर ही अपनी सभी गाड़ियां रोक दीं, क्योंकि वहां से आगे का रास्ता केवल एक कच्चा और ऊबड़-खाबड़ रास्ता था।
गाड़ियों को लगभग 30 मिनट पहले मुख्य सड़क पर रोकने का मुख्य उद्देश्य यह था कि गाड़ियों की हेडलाइट्स और इंजनों की तेज आवाज सुनकर बदमाश पहले ही भागने या पोजिशन लेने की कोशिश न करें। इसके बाद, पुलिस टीम घने अंधेरे में पैदल ही आगे बढ़ी। जेपी यादव का लोकेशन मुख्य मार्ग से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर बीहड़ में था, जहां तक पहुंचने के लिए जवानों ने सिर्फ अपने मोबाइल फोन की लाइट का सहारा लिया।
जैसे-जैसे पुलिस टीम कच्चे रास्तों पर बेहद सावधानी से आगे बढ़ी, वे अपराधियों के ठिकाने के बिल्कुल करीब पहुंच गई, तभी वहां घात लगाए बैठे अपराधियों को उनके आने का अहसास हो गया। खुद को घिरा हुआ पाकर अपराधियों ने बिना किसी चेतावनी के पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी के दौरान मनेर स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) रजनीश कुमार को एक गोली छूती हुई निकली। जानलेवा हमले के बाद पुलिस और STF के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और अपनी सर्विस पिस्तौल से जवाबी फायरिंग की।
करीब 20 मिनट तक दोनों तरफ से कुल 40 राउंड फायरिंग के बाद अपराधियों की तरफ से गोलियां चलनी पूरी तरह बंद हो गई, जिसके बाद पुलिस टीम आगे बढ़ी। वहां पुलिस को तीन अपराधी गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ हालत में मिले। इन तीनों को तुरंत दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ वाली जगह की गहन तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से अत्याधुनिक हथियार मिले। इनमें 7.65 mm की एक पिस्तौल भी शामिल थी, जिस पर USA Made लिखा था। बिहार और पटना के आपराधिक जगत में इस तरह के विदेशी हथियारों का इस्तेमाल आमतौर पर केवल पेशेवर कॉन्ट्रैक्ट किलर्स या बड़े आपराधिक गिरोह ही करते हैं।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन हमलावरों को ये हथियार किसने मुहैया कराए थे। इसके अलावा, घटनास्थल से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। घटना के बाद अपराधी किन लोगों या साथियों के सीधे संपर्क में थे, इसका पता लगाने के लिए उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की जा रही है।