Rahul Gandhi Leadership: राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने देश की मौजूदा राजनीतिक दिशा पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के सपनों का आधुनिक और धर्मनिरपेक्ष भारत अब बनता नजर नहीं आ रहा, साथ ही राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर भी प्रतिक्रिया दी।
Mani Shankar Aiyar Remarks: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने गुरुवार को देश की मौजूदा राजनीतिक और समाजिक दिशा पर गहरी निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि पूर्व पीएम राजीव गांधी के सपनों का आधुनिक और धर्मनिरपेक्ष भारत अब बनता नजर नहीं आ रहा है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की लीडरशिप को लेकर भी प्रतिक्रिया दी है।
दिल्ली स्थित राजीव गांधी के स्मारक ‘वीर भूमि’ पर उनकी 35वीं पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां लोग केवल नारे लगाने आते हैं, लेकिन राजीव गांधी के जीवन, विचारधारा और उपलब्धियों को समझने की कोशिश नहीं करते।
उन्होंने कहा, “बहुत लोग यहां आते हैं और उनके नाम के नारे लगाते हैं, लेकिन स्मारक पर लिखी गई उनकी सोच और उपलब्धियों को पढ़ते तक नहीं। राजीव गांधी जिस भारत का निर्माण करना चाहते थे, वैसा भारत आज नहीं बन रहा। यह बेहद दुखद है। नेहरू की विरासत को आधुनिक रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश अगर किसी ने की, तो वह राजीव गांधी थे।”
इस दौरान मीडिया ने मणिशंकर अय्यर से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व और उनके कामकाज की तुलना राजीव गांधी से किए जाने पर भी सवाल किया। इसका जवाब देते हुए अय्यर ने कहा कि वह राहुल गांधी को ज्यादा करीब से नहीं जानते। हालांकि उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उसी परिवार, विरासत और विचारधारा का हिस्सा हैं, जिसे राजीव गांधी आगे बढ़ाना चाहते थे।
बता दें कि पूर्व पीएम राजीव गांधी और मणिशंकर अय्यर के बीच काफी करीबी राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध रहे थे। मणिशंकर अय्यर भारतीय विदेश सेवा (IFS) में थे। उन्होंने 1980 के दशक में नौकरी छोड़कर राजीव गांधी के साथ सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। अय्यर को राजीव गांधी का बेहद भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। बताया जाता है कि राजीव गांधी ही मणिशंकर को राजनीति में लाए थे।
बता दें कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में राजीव गांधी ने कांग्रेस की कमान संभाली थी। वह महज 40 साल की उम्र में भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने। उन्होंने अक्टूबर 1984 से दिसंबर 1989 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। 20 अगस्त 1944 को जन्मे राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनावी रैली के दौरान एलटीटीई के आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी।