
Mann Ki Baat PM Modi Appeal not to Buy Gold Impact: पश्चिम एशिया संकट के बीच सोने की खरीद पर रोक लगाने और ईंधन बचाने की आदतें अपनाने का व्यापक असर हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील का समर्थन करने के लिए मन की बात कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को धन्यवाद दिया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद देश में सोने की खरीद में भारी गिरावट आई है, जिसमें उनकी नागरिकों से आर्थिक और करेंसी से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच गैर-ज़रूरी सोना न खरीदने की अपील के बाद देश में सोने की खरीद में भारी गिरावट आई है। बुलियन व्यापारियों और बाजार की रिपोर्टों से पता चलता है कि सोने की खुदरा मांग में लगभग 70% की भारी गिरावट आई है। दो हफ़्ते की अवधि में सोने की खपत, जो पिछले साल इसी समय लगभग 25 टन थी, अब घट कर केवल 7.5 टन रह गई है।
जानकारी के अनुसार रिजर्व बैंक ने पिछले दो महीनों में सोने की कोई बड़ी नई खरीद नहीं की है। उधर जून 2026 तक के बुलियन मार्केट के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले दो महीनों यानि मई-जून 2026 के दौरान सोने की कोई खास नई खरीद नहीं की है। अप्रैल से रिजर्व बैंक का कुल गोल्ड रिज़र्व 880.52 मीट्रिक टन पर स्थिर बना हुआ है। हालांकि इन दो महीनों में भारत का कुल सोना आयात,जिसमें गहने और निवेश के लिए खरीदा गया सोना दोनों शामिल हैं,सामान्य स्तर पर रहा, लेकिन इसके सटीक आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं।
खास बात यह है कि ऊंची कीमतों और मोदी की अपील के बाद मई और जून में आयात कुछ कम रहा, क्यों कि भारत सरकार ने मई में सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी थी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नागरिकों से अपील की थी कि वे कम से कम एक साल तक सोना न खरीदें।
ज्वेलरी व्यापारियों के मुताबिक, देश भर में कई परिवार शादियों जैसे मौकों के लिए नया सोना (बुलियन) खरीदने के बजाय अपने पास मौजूद सोने को ही रीसायकल और दोबारा इस्तेमाल करने का विकल्प चुन रहे हैं, जबकि कुछ लोग सोना और चांदी खरीदने का अपना फैसला पूरी तरह टाल रहे हैं।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद सोने की मांग में कुछ कमी आई है और लोगों ने अपनी सोन की खपत कम करने का फैसला किया है, जिससे असल में सोने की खरीद धीमी हो गई है। बाजार में स्थिरता, जीवन-यापन का खर्च और सोने के रिजर्व की मांग में गिरावट, इन सभी कारणों से ऐसा हुआ है।
प्रधानमंत्री के संदेश और हाल ही में आयात शुल्क में बढ़ोतरी के कारण ज्वैलरी और बुलियन कंपनियों के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव और अस्थायी गिरावट देखी गई है। एक्सपर्ट जवाहरात व्यापारी शकील अंसारी ने patrika.com से बातचीत में कहा कि इस अपील का मुख्य मकसद गैर-जरूरी आयात कम करना, विदेशी मुद्रा भंडार बचाना और वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच रुपये को स्थिर करना था। जवाहरात व्यापारी खालिद नकवी ने patrika.com से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस अपील का बाजार पर 40 प्रतिशत असर हुआ है। सोने चांदी की कीमत 20 फीसदी कम हुई है।