
India US Relations: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार को अपनी दूसरी भारत यात्रा पर मुंबई पहुंचे। इस यात्रा के दौरान, वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। रुबियो के साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और उनकी पत्नी, जेनेट डौसडेबेस रुबियो भी मौजूद थीं।
अपनी यात्रा से पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मुंबई में अमेरिकी कांग्रेसनल प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और तकनीक जैसे मुद्दों पर चर्चा की। यह बातचीत अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की आधिकारिक भारत यात्रा से पहले हुई, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है।
'X' (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में, जयशंकर ने मुंबई में अमेरिकी कांग्रेसनल प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात का जिक्र किया। उन्होनें कहा कि, भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने में उनकी सकारात्मक सोच और रुचि की सराहना करता हूं।
उन्होंने आगे कहा, "हमने विशेष रूप से हमारे संबंधों के व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और तकनीक से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही, भारत में 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार करने में आसानी) और हिंद-प्रशांत क्षेत्र (इंडो-पैसिफिक) में हमारे सहयोग को और गहरा करने पर भी बात हुई।"
यह मुलाकात रुबियो के मंगलवार को मुंबई पहुंचने से ठीक पहले हुई है। अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान, वे विदेश मंत्री जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और गुजरात के जामनगर भी जाएंगे, जो एक महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र है।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, रुबियो दोपहर ताज महल पैलेस होटल के अंदर स्थित 'ताज मेमोरियल' पर आतंकवाद के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद, उसी स्थान पर वे विदेश मंत्री जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
रुबियो मंगलवार शाम को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'फ्रीडम 250 रिसेप्शन' में भी शामिल होंगे। बुधवार को वे जामनगर की यात्रा करेंगे।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब संकेत मिल रहे हैं कि लंबे समय से प्रतीक्षित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप लेने के करीब हो सकता है। सोमवार को उज्बेकिस्तान के समरकंद में पत्रकारों से बात करते हुए, रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन इस समझौते पर सहमति बनाने के लिए काम कर रहा है। रूबियो ने कहा, "हम अभी भारत के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। हम इसके बहुत करीब हैं।"
उन्होंने रूस से तेल आयात के संबंध में संभावित प्रतिबंधों और शुल्कों पर विचार करते समय भारत की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने भारत को अमेरिका का एक महत्वपूर्ण सहयोगी और साझेदार बताया।