
राज्यसभा के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद से कांग्रेस में नाराजगी है। इस प्रकरण के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को दिल्ली से देश भर के कांग्रेस नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की।
इस मीटिंग में उन्होंने कांग्रेस नेताओं से क्या कहा? इसके बारे में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जानकारी दी। उन्होंने बताया- आज हमारी कांग्रेस महासचिवों, प्रभारियों और पीसीसी अध्यक्षों के साथ तीन घंटे लंबी बैठक हुई।
वेणुगोपाल ने कहा- हमने मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर चर्चा की। इसका कारण यह बताया गया कि उन्होंने कोर्ट से भेजे गए एक नोटिस की जानकारी नहीं दी थी। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला, एफआईआर या चार्जशीट नहीं थी, फिर भी उनका नामांकन रद्द कर दिया गया।
उन्होंने आगे कहा- दूसरी ओर, झारखंड में भाजपा समर्थित कॉर्पोरेट उम्मीदवार ने संबंधित कॉलम में अपना नाम तक ठीक से नहीं लिखा था, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन स्वीकार कर लिया।
वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए कहा- एक तरफ, आपने मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द कर दिया, और दूसरी तरफ आपने नामांकन पत्र में इतनी कमियों के बावजूद एक नामांकन स्वीकार कर लिया।
उन्होंने कहा- यह भारतीय लोकतंत्र की दयनीय स्थिति को दर्शाता है। वोट चोरी के बाद, अब यह सीट चोरी है। आज की बैठक में हमने इस मामले से कानूनी और राजनीतिक रूप से लड़ने का फैसला किया।
बैठक में तय किया गया कि इस मुद्दे को दोनों मोर्चों पर लड़ा जाएगा। पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी और साथ ही जनता के बीच इसकी आवाज उठाएगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई इस बैठक में सिर्फ नामांकन का मुद्दा ही नहीं, बल्कि देश की कई बड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई।
बैठक में मोदी सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की गई। कांग्रेस ने कहा कि बेरोजगारी चरम पर है, पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, महंगाई आसमान छू रही है और अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।
पार्टी ने संविधान पर खतरे और सामाजिक न्याय की लड़ाई को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। नेताओं का मानना है कि इन मुद्दों पर जनता का गुस्सा बढ़ रहा है और कांग्रेस इसे मजबूती से उठाएगी।
बैठक में देशभर के प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर भी विस्तार से बात हुई।
कांग्रेस का दावा है कि भाजपा सत्ता के बल पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। पार्टी अब इन मामलों को अदालतों में ले जाने के साथ-साथ सड़क पर भी प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है।