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स्मार्टफोन से ई-रिक्शा बंद करने वाले 7 ऐप्स पर सरकार का बड़ा एक्शन, Google और Apple को हटाने के निर्देश

ई-रिक्शा को स्मार्टफोन से बीच रास्ते में बंद करने वाले कम से कम 7 मोबाइल ऐप्स हटाने के लिए केंद्र सरकार ने Apple और Google को निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि इन ऐप्स का गलत इस्तेमाल हो रहा था।
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Jul 03, 2026
E-Rickshaw Apps
बैटरी मॉनिटरिंग ऐप्स मामले में सरकार का बड़ा एक्शन (सोर्स: AI जनरेटेड इमेज)

E-Rickshaw Apps: केंद्र सरकार ने एप्पल और गूगल को ई-रिक्शा को दूर से बंद करने वाले कम से कम 7 मोबाइल ऐप्स हटाने का निर्देश दिया है। सरकार के मुताबिक, इन ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर स्मार्टफोन के जरिए चलते ई-रिक्शा को बीच रास्ते में बंद किया जा रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, बैट-बीएमएस (BAT-BMS), लॉसिगी (Lossigy) और एपॉक-आई-आयन (Epoch-i-ion) समेत कई मोबाइल ऐप्स को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

बैटरी मॉनिटरिंग ऐप्स का हो रहा था गलत इस्तेमाल

दरअसल, बैटरी कंट्रोल के लिए बनाए गए ‘BAT BMS’ और ‘Epoch Li-ion’ ऐप्स का कुछ लोग गलत इस्तेमाल कर रहे थे। ये ऐप्स ब्लूटूथ के जरिए लिथियम-आयन बैटरी से कनेक्ट होते हैं। इनका मकसद बैटरी की स्थिति, वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारी देखना था। लेकिन कुछ लोगों ने इन्हें प्रैंक’ के नाम पर ई-रिक्शा बंद करने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

ऐप खोलकर आसपास मौजूद ई-रिक्शा की बैटरी से ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट किया जाता था। इसके बाद डिस्चार्ज स्विच ऑन कर दिया जाता था। ऐसा होते ही ई-रिक्शा बीच रास्ते में बंद हो जाता था। कई मामलों में वाहन तब तक दोबारा चालू नहीं होता था, जब तक उसी ऐप से उसे फिर से ऑन न किया जाए।

सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं। इनमें ई-रिक्शा चालक बीच सड़क पर परेशान दिखाई दिए। कई ड्राइवरों का काम प्रभावित हुआ। जिन चालकों को इस तकनीक की जानकारी नहीं थी, उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।

मामले में अब सरकार का बड़ा एक्शन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 'MeitY' के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि दोनों ऐप्स को ऐप स्टोर्स से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार इस मामले में Google और Apple जैसे ऐप स्टोर ऑपरेटर्स के साथ भी काम कर रही है, ताकि ऐसे खतरनाक ऐप्स आम लोगों तक न पहुंचें।

रिपोर्ट के मुताबिक, समस्या की सबसे बड़ी वजह सुरक्षा की कमी थी। कई बैटरी सिस्टम में पासवर्ड या किसी तरह का ऑथेंटिकेशन नहीं था। इसी कारण कोई भी व्यक्ति बैटरी के कंट्रोल फीचर तक पहुंच सकता था। इस कमजोरी का फायदा उठाकर ई-रिक्शा का पावर आउटपुट बंद किया जा रहा था। सरकार का मानना है कि ऐसे ऐप्स का दुरुपयोग लोगों की सुरक्षा और रोजगार दोनों के लिए खतरा बन सकता है। इसलिए इन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

Updated on:
03 Jul 2026 08:52 pm
Published on:
03 Jul 2026 07:53 pm