
Abhijeet Deepke: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विषय से जुड़े दो वीडियों को इंस्टाग्राम से हटाने की जानकारी सामने आई है। इंस्टाग्राम की मालिकाना कंपनी Meta ने तीन दिन में कानूनी समाचार प्रदान करने वाली कंपनी लाइव लॉ के दो वीडियों हटाएं हैं। इस बात की जानकारी कंपनी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए दी।
इस पोस्ट ने एक बार फिर से यह चर्चा छेड़ दी है कि सरकार के दवाब में आकर Meta वीडियो हटा रही है। इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर आलोचकों की वीडियों और उनके अकाउंट ब्लॉक करने का आरोप लगाया था।
समाचार कंपनी का कहना है कि उसके एक रील को 27 अक्टूबर को इंस्टाग्राम से ब्लॉक किया गया था। इस रील का कंटेंट सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की ओर से दाखिल हलफनामे को समझाने का था। इस मामले में इंस्टाग्राम ने कंटेंट को ब्लॉक करने के लिए कानूनी अनुरोध मिलने की बात कही थी।
लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वीडियो में ऐसा क्या था, जिसके कारण कार्रवाई की गई। हालांकि, कुछ घंटे बाद इस रील को फिर से बहाल कर दिया गया था।
इसके बाद गुरूवार को इंस्टाग्राम ने कंपनी के आधिकारिक अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक और वीडियो को ब्लॉक कर दिया। इस वीडियो में एसआईआर को लेकर अदालतों में लंबित कानूनी चुनौतियों के बारे में बताया गया था। इस वीडियो को फिर से बहाल करने की जानकारी फिलहाल नहीं है।
इस वीडियो को भी सरकारी अनुरोध का हवाला देकर ब्लॉक करने की बात इंस्टाग्राम ने कही है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि प्रतिबंधित किए गए दोनों वीडियो उसके यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं।
इस तरह कंटेंट ब्लॉक करने की घटनाओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर सरकार की आलोचना करने वाली पोस्ट हटवाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पोस्ट या अकाउंट हटाने से लोगों के सवाल खत्म नहीं होंगे, क्योंकि उन सवालों की वजहें सोशल मीडिया से बाहर मौजूद हैं। दीपके ने चेतावनी दी कि सेंसरशिप से सरकार और लोगों के बीच अविश्वास बढ़ सकता है।