
Ceasefire Violation : दुनिया भर की नज़रें एक बार फिर मिडिल ईस्ट पर टिक गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक बड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया है कि अगर ईरान अमेरिका द्वारा पेश की गई शांति डील को स्वीकार नहीं करता है, तो अमेरिकी सेना ईरान के हर पावर प्लांट और पुल को पूरी तरह तबाह कर देगी। ट्रंप का यह गुस्सा तब भड़का जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फ्रांसीसी और ब्रिटिश जहाजों की तरफ कथित तौर पर गोलियां चलाईं। ट्रंप ने इसे सीजफायर का सीधा उल्लंघन बताया है। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और इजरायल के हमलों को उनकी "हताशा और हार" का प्रतीक बताया है। उन्होंने ईरानी सेना की तारीफ करते हुए कहा कि ईरान महाशक्तियों के सामने डट कर खड़ा है।
इधर, इजरायल और लेबनान के बीच गुरुवार को शुरू हुआ 10-दिवसीय सीजफायर भी खतरे में नजर आ रहा है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने लेबनान सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वे सीजफायर की शर्तों का पालन नहीं करते हैं और हिजबुल्लाह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाते हैं, तो इजरायली सेना कड़ी कार्रवाई करेगी। इजरायल ने अपनी सुरक्षा के लिए गाजा की तर्ज पर 'येलो लाइन' (सैन्य सीमा) बनानी शुरू कर दी है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में दो विदेशी तेल टैंकरों (बोत्सवाना और अंगोला) का रास्ता रोक दिया। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी समुद्री नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक यह अहम व्यापारिक मार्ग बंद रहेगा।
इजरायल के भीतर भी सियासी हलचल तेज है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने आपराधिक मुक़दमे की गवाही रद्द करने की मांग की थी, जिसे इजरायल के राज्य अभियोजक कार्यालय ने सिरे से खारिज कर दिया है।
पोप लियो XIV: उन्होंने इजरायल-लेबनान सीजफायर को "उम्मीद की किरण" बताया है और वैश्विक नेताओं से युद्ध छोड़कर शांति का मार्ग अपनाने की अपील की है।
तुर्की: तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने कहा कि अमेरिका-ईरान सीजफायर को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने इजरायल पर सीजफायर की आड़ में लेबनान में जमीन कब्जाने का आरोप लगाया।
ईरान: राष्ट्रपति पेजेशकियन ने नागरिक बुनियादी ढांचे (अस्पताल, स्कूल) पर हो रहे हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
गौरतलब है कि शांति वार्ता के अगले चरण के लिए अमेरिकी वार्ताकारों की टीम सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचने वाली है। यहां अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की अहम बातचीत होगी।
ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट और गिरफ्तारियां: ईरान में पिछले सात हफ्तों से इंटरनेट पूरी तरह ठप है। इस बीच, स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट उपकरण अवैध रूप से आयात करने के आरोप में ईरान के उत्तर-पश्चिम इलाके से दो विदेशियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ईरान इसे "अमेरिका-इजरायल जासूसी नेटवर्क" का हिस्सा मान रहा है।