
Naxalite leader Misir Besra arrested: देश की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नक्सलियों का आखिरी बड़ा सक्रिय नेता मिसिर बेसरा भी गिरफ्तार हो गया है। झारखंड पुलिस ने 1 करोड़ रुपए के शीर्ष नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा को गिरिडीह जिले से गिरफ्तार किया है। उसके साथ रीजनल कमेटी के सदस्य 15 लाख रुपए के इनामी नक्सली मेहनत ऊर्फ मोछू और गौरव को भी गिरफ्तार किया गया है। मिसिर बेसरा करीब डेढ़ दशक से फरार चल रहा था।
झारखंड पुलिस ने बताया कि मिसिर बेसरा करीब डेढ़ दशक से फरार था। बेसरा की गिरफ्तारी के बाद अब राज्य में सिर्फ एक करोड़ का इनामी सिर्फ एक नक्सली असीम मंडल बचा है। पुलिस ने बताया कि गुप्त जानकारी के आधार पर मिसिर बेसरा को गिरिडीह से गिरफ्तार किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि यह गिरफ्तारी झारखंड में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ा कदम है। जानकारी सामने आई है कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मिसिर बेसरा और उसके साथियों को किसी गुप्त ठिकाने पर रखकर पूछताछ कर रही है। वह झारखंड के जंगलों में छिपाए गए अत्याधुनिक हथियारों और IED की जानकारी जुटा रहे हैं। साथ ही, नक्सलियों के मददगारों की भी तलाश की जा रही है।
पीरटांड निवासी मिसिर बेसरा ऊर्फ भास्कर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का पोलित ब्यूरो व सेंट्रल कमेटी सदस्य है। उस पर हत्या, आईईडी ब्लास्ट, पुलिस पर हमला और आर्म्स एक्ट के 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। बेसरा पर 2003-04 में पश्चिम सिंहभूम के बिटकिलसोय और बलिबा में हुए भीषण आईईडी ब्लास्ट की साजिश रचने का भी आरोप है। इस हमले में 55 सुरक्षाकर्मियों की शहादत हुई थी। मिसिर बेसरा को साल 2009 में गिरफ्तारी के बाद बिहार के लखसीराय कोर्ट परिसर में नक्सिलों ने धावा बोलकर छुड़ा लिया था।
मिसिर बेसरा के बारे में कहा जाता है कि वह सिर्फ एक सैन्य कमांडर नहीं था, बल्कि रणनीति बनाने में माहिर था। उसने 2000 के शुरुआती दशक में झारखंड में नक्सलियों का बड़ा बेस तैयार किया था। वह नेटवर्क बनाने में भी माहिर था। वह सारंडा के जंगलों और कोल्हान क्षेत्र में समानांतर सरकार चलाता था।