DMK प्रमुख एम. के. स्टालिन ने दावा किया है कि तमिलनाडु में विजय की सरकार कभी भी गिर सकती है। इसके साथ ही स्टालिन ने अपनी पार्टी के लोगों को चुनावों के लिए तैयार रहने के निर्देष भी दिए है। वहीं दूसरी ओर TVK ने अपनी सरकार को पूरी तरह सुरक्षित बताया है।
तमिलनाडु की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद अस्थिरता की चर्चा तेज हो गई है। अभिनेता से नेता बने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की अगुवाई वाली सरकार फिलहाल बहुमत में दिखाई दे रही है, लेकिन विपक्षी दल लगातार इसकी स्थिरता पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच DMK प्रमुख एम. के. स्टालिन ने दावा किया है कि मौजूदा सरकार कभी भी गिर सकती है और उनकी पार्टी को संभावित जल्दी चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि हार स्थायी नहीं होती और DMK दोबारा मजबूती के साथ वापसी करेगी।
तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) की सरकार को फिलहाल सहयोगी दलों और बागी विधायकों का समर्थन मिला हुआ है। पार्टी के पास अपने 107 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के पांच विधायक भी उसके साथ हैं। इसके अलावा चार सहयोगी दल बाहर से समर्थन दे रहे हैं। हाल ही में हुए विश्वास मत में AIADMK के 25 बागी विधायकों ने भी सरकार के पक्ष में मतदान किया था। हालांकि DMK का मानना है कि अगर सहयोगी दल समर्थन वापस लेते हैं या अदालत तथा विधानसभा अध्यक्ष बागी विधायकों को अयोग्य ठहरा देते हैं, तो सरकार मुश्किल में आ सकती है।
द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम प्रमुख स्टालिन ने जिला सचिवों के साथ बैठक में कहा कि पार्टी को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि DMK पहले भी चुनावी हार के बाद मजबूत वापसी करती रही है। स्टालिन ने कहा कि हार अस्थायी है। मौजूदा सरकार कभी भी गिर सकती है। हमें चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विधानसभा चुनाव 2029 लोकसभा चुनाव के साथ कराए जा सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी हार की जिम्मेदारी खुद लेते हुए कहा कि वह पार्टी की विफलता के लिए जवाबदेही स्वीकार करते हैं।
स्टालिन ने पार्टी कैडर से सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि पहले जो राजनीतिक चर्चा चाय की दुकानों पर होती थी, अब वही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होनी चाहिए। स्टालिन ने हाल ही में दावा किया था कि TVK की डिजिटल पहुंच ने युवाओं के बीच उसे मजबूत बढ़त दिलाई है। इसी के मद्देनजर DMK ने 36 सदस्यीय समिति बनाई है, जो चुनावी हार के कारणों का अध्ययन करेगी और जनता से सीधा फीडबैक लेगी। उधर TVK का कहना है कि सरकार पूरी तरह स्थिर है और वह अपना कार्यकाल पूरा करेगी।