
BJP National Team Restructuring: मोदी कैबिनेट में फेरबदल के बीच बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में भी बदलाव की चर्चा जोरों पर है। हालांकि केंद्रीय कैबिनेट और पार्टी की सेंट्रल टीम में कब बदलाव होगा, इसको लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि दोनों जगहों पर आगामी राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव का भी खासा ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट में हाल ही में NDA में शामिल हुए बागी नेताओं को भी इनाम दिया जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितिन नवीन ने अपनी टीम तैयार करने के लिए पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर ली है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि उन्होंने नेताओं की एक लिस्ट भी बना ली है।
बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में बदलाव को लेकर पार्टी के अंदर बैठकों का दौर चल रहा है। गुरुवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। यह बैठक करीब 3 घंटे चली। इस दौरान पार्टी महासचिव बीएल संतोष भी मौजूद रहे। हालांकि बैठक को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि संगठन में बदलाव को लेकर नितिन नवीन और बीएल संतोष ने अमित शाह से मुलाकात की है।
इससे पहले केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर भी बैठक हो चुकी है। इस बैठक में अमित शाह, नितिन नवीन, जेपी नड्डा के साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए थे।
मानसून सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही है। इसमें से कई नेताओं की छुट्टी भी हो सकती है। ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्रीय कैबिनेट से कई नेताओं को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी हाईकमान का प्रयास है कि संगठन को आगामी राजनीतिक और चुनावी चुनौतियों के लिए और मजबूत बनाया जाए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितिन नवीन की नई टीम में युवाओं और सीनियर नेताओं के बीच संतुलन बनाया जाएगा। इसके अलावा अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को भी पार्टी खासा ध्यान रखेगी। माना जा रहा है कि चुनावी राज्यों वाले नेताओं को संगठन में ज्यादा अहमियत मिल सकती है। अगले साल यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में भी चुनाव है।
यूपी में बीजेपी ने पंकज चौधरी की टीम का गठन कर लिया है और चुनावी तैयारियों में जुट गई है। ऐसे में अब सेंट्रल टीम में भी जल्द ही फेरबदल की अटकलें लगाना शुरू हो गया है।
मोदी कैबिनेट में भी बदलाव की अटकलें लगाई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मानूसन सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल देखने को मिल सकता है। NDA सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना चाहती है, क्योंकि सरकार को कई अहम विधेयक पास कराने है। विपक्षी दलों के कई सांसद एनडीए में शामिल हुए है, ऐसे में जिन सांसदों ने इसका नेतृत्व किया है। उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। जिसमें राघव चड्ढा का नाम सबसे आगे चल रहा है। राघव चड्ढा के नेतृत्व में ही आप के 7 राज्य सभा सांसद बीजेपी में शामिल हुए थे।