
Modi Cabinet Reshuffle: नरेंद्र मोदी की तीसरी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरदबल की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों के मुताबिक, संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसमें कई नेताओं की कैबिनेट से छुट्टी होगी, तो वहीं कई नेताओं के विभाग बदले जा सकते है। खासतौर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के विभाग बदले जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के आधार पर मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं और नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है।
मोदी कैबिनेट में फेरबदल से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के विभाग बदलने की हो रही है। दरअसल, उन्हें वित्त मंत्रालय से हटाकर अन्य कोई विभाग मिल सकता है। महंगाई पिछले 16 महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है।
इसी बीच सरकार एक तकनीकी विशेषज्ञ को वित्त मंत्रालय सौंपने पर विचार कर रही है। इसमें सबसे ऊपर पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम चल रहा है। हालांकि बीजेपी की तरफ से इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शक्तिकांत दास का RBI गवर्नर के रूप में कार्यकाल अच्छा रहा। उन्होंने 6 साल तक आरबीआई का नेतृत्व किया। इस दौरान कोविड और वैश्विक संकट के समय में उन्होंने देश की वित्तीय स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। RBI के गवर्नर रहते हुए वह देश के 8 केंद्रीय बजटों को तैयार करने की प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़े रहे।
बता दें कि यदि शक्तिकांत दास भारत के वित्त मंत्री बनते हैं तो वह मनमोहन सिंह के बाद दूसरे ऐसे पूर्व RBI गर्वनर होंगे।
वहीं निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय से हटाकर शिक्षा मंत्रालय देने की चर्चा जोरों पर है। फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय शिक्षा मंत्री है। उनके कार्यकाल में नीट पेपर लीक और CBSE बोर्ड की कॉपी चेकिंग में गड़बड़ी समेत कई बड़ी लापरवाही हुई है। इसको लेकर मोदी सरकार पर विपक्ष ने जमकर निशाना साधा है। वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
वहीं दूसरी ओर ज्योतिरादित्य सिंधिया के भी विभाग बदलने की अटकलें तेज है। फिलहाल वे पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय संभाल रहे हैं। इस बार के कैबिनेट बदलाव में बीजेपी उन्हें प्रमोट करने पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंधिया को रेलवे, वाणिज्य या उद्योग मंत्रालय दिया जा सकता है। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया 2020 में कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी कैबिनेट में फेरबदल दो मंत्रियों तक ही सीमित नहीं होगा। रिपोर्ट्स में करीब 12 मंत्रियों के बाहर करने और 9 नए चेहरों को शामिल करने की भी बात कही जा रही है। हाल ही में अपनी पार्टियों से बागी होकर एनडीए में शामिल हुए नेताओं को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इसमें सबसे प्रमुख नाम आम आदमी पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा का नाम चल रहा है।