
अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप । (फोटो- ANI)
Republic Day chief guest Donald Trump: भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाना चाहिए।
अघी ने कहा कि ट्रंप को भारत को और करीब से समझने के लिए ज्यादा समय देना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार ट्रंप का भारत दौरा सिर्फ 36 घंटे का था, इसलिए इस बार उन्हें देश को बेहतर तरीके से जानने का मौका मिलना चाहिए।
मुकेश अघी ने कहा कि हाल के राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत और अमेरिका के संबंध मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में इतनी गहराई और अनुभव है कि छोटी-मोटी परेशानियों को संभाला जा सकता है। उन्होंने कहा, 'पूरी कोशिश यही संदेश देने की थी कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध अभी भी मजबूत स्थिति में हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े रिश्ते लगातार आगे बढ़ रहे हैं।'
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भी अघी ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बातचीत में काफी अंतर कम हो चुका है और अब सिर्फ कुछ मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी कंपनियों के लिए बेहतर और उचित टैरिफ व्यवस्था चाहता है। इसी मुद्दे पर बातचीत फिलहाल अटकी हुई है। अघी ने उम्मीद जताई कि अगर व्यापार समझौता जल्द पूरा होता है तो दोनों देशों के बीच कारोबार में तेजी देखने को मिलेगी।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों को लेकर उठ रही अटकलों पर भी अघी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच संबंध अब भी सकारात्मक हैं। उन्होंने कहा कि G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात अच्छी रही। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का सम्मान किया और सकारात्मक तरीके से आगे बढ़े।
मुकेश अघी ने कहा कि अमेरिकी कंपनियों का चीन पर निर्भरता कम करने का सिलसिला जारी है और भारत इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियां अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने के लिए भारत की ओर देख रही हैं और लगातार नई कंपनियां इस दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
भारत और अमेरिका ने साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस पर अघी ने कहा कि यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ट्रेड डील पूरी हो जाती है तो दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलेगी। उनके अनुसार यह लक्ष्य 2030 में नहीं तो 2031 या 2032 तक पूरा हो सकता है।
Updated on:
30 Jun 2026 02:24 pm
Published on:
30 Jun 2026 02:24 pm
