RSS प्रमुख ने कहा कि हिंदू समुदाय को बांग्लादेश जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हम महज अपनी समस्याओं के बारे में बात करते हैं, लेकिन बात करना ही काफी नहीं है।
बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पड़ोसी देश में हिंदुओं के खिलाफ लगातार हिंसा की भी खबरें सामने आ रही हैं। हादी की मौत के बाद अब तक तीन हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। वहीं बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान सामने आया है।
बुधवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए RSS प्रमुख ने कहा कि हिंदू समुदाय को बांग्लादेश जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हम महज अपनी समस्याओं के बारे में बात करते हैं, लेकिन बात करना ही काफी नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर हिंदू सही रास्ते पर चलते हैं तो कोई भी चुनौती प्रभावित नहीं कर सकती है।
मोहन भागवत ने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। हिंदू समुदाय की स्थिति पर बात करते हुए भागवत ने कहा कि हमारे समाज की स्थिति यह है कि हम समस्या के उपाय के बारे में नहीं सोचते हैं, जबकि समाधान हमारे पास ही होता है। संतों का संगम सदा मिलता रहेगा। हिंदू समुदाय के पास संतों का ज्ञान है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि देश में आरएसएस के स्वयंसेवक हर जगह मिल जाएंगे। भारत जहां भी है, संघ का काम और उसके स्वयंसेवक वहां मौजूद हैं।
संघ प्रमुख ने कहा कि अपने देश के संविधान, नियम और कानून का पालन करना चाहिए। संविधान की प्रस्तावना, नागरिक कर्तव्य, मार्गदर्शक तत्व और नागरिक अधिकार, यह सब बार-बार पढ़ना चाहिए, क्योंकि धर्म का आचरण कैसा हो, इसका चित्र इसमें दिखता है।