
Monsoon In India: मौसम विभाग लगातर मानसून को लेकर अनुमान जाहिर कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को मानसून महाराष्ट्र के बाद गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के अधिकतर हिस्सों तक पहुंच गया। अगले 3-4 दिनों में मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। गुरुवार को मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश हुई है। राजस्थान के कई जिलों में प्री-मानसून की बारिश हुई है। जिससे किसानों को कुछ राहत की उम्मीद जगी है। अगले सप्ताह तक राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पूर्वी राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के 1 जुलाई तक लगातार भीगते रहने की संभावना है। गुरुवार को कोलकाता में तेज बारिश से कई सड़कें पानी में डूब गईं और जगह-जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। गोवा में भारी बारिश और तेज लहरों के कारण एक पर्यटक समुद्र में बह गया। दिल्ली-एनसीआर में आंधी और बारिश के दौरान कई पेड़ गिर गए। टेंट-शेड उड़ने की घटनाएं सामने आईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर राज्यों और हिमालयी क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक तेज से बहुत तेज बारिश जारी रह सकती है। विभाग का मानना है कि मानसून की यह रफ्तार खरीफ फसलों की बुवाई के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन जिन इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश होगी वहां बाढ़, जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा भी बना रहेगा। इसी वजह से लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
आइएमडी ने राजस्थान सहित 9 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 16 राज्यों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। राजस्थान में मानसून के प्रवेश से पहले ही मौसम का असर दिखने लगा है। जयपुर समेत करीब 20 जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। उधर, मध्यप्रदेश के 33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हरियाणा के 7 जिलों में भी खराब मौसम की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।