
IMD issues alert: दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में मानसून एकबार फिर एक्टिव हो गया है। सोमवार शाम से दिल्ली व आसपास के इलाकों में जमकर बारिश हुई है। राजस्थान में भी सोमवार को बारिश हुई। भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि दिल्ली व उसके आसपास के इलाकों में 26 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम ने एकबार फिर करवट लिया है। मौसम विभाग ने कहा कि हरियाणा में जुलाई के अंतिम दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में 20 और 25 जुलाई के आसपास बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्र मानसून को मजबूती देंगे। इसके साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर तेज वर्षा होने के आसार हैं।
बिहार के 9 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि गया, नवादा और पश्चिम चंपारण, पटना, नालंदा, वैशाली में बहुत भारी बारिश की संभावना है। विभाग की ओर से आकाशीय बिजली गिरने को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने बताया कि वज्रपात से अब तक राज्य में 6 लोगों की मौत हो गई है।
राजस्थान में दो हफ्ते बाद मानसून एकबार फिर एक्टिव हो गया है। 21 जुलाई को राज्य के 33 जिलों में आंधी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन तक पूरे प्रदेश में मूसलाधार बारिश की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बदलाव के पीछे कई मौसमीय प्रणालियां एक साथ सक्रिय हुई हैं. उत्तरी पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ पहुंच चुका है, जबकि राजस्थान की सीमा के पास चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पंजाब, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इन सभी प्रणालियों के असर से मॉनसूनी ट्रफ का पश्चिमी सिरा दक्षिण की ओर खिसककर दिल्ली के आसपास आ गया है।