
Monsoon In India 2026: दक्षिण पश्चिम मानसून 12 दिन की लंबी प्रतीक्षा के बाद मंगलवार को मुंबई पहुंच गया। सामान्य रूप से 11 जून तक मुंबई में मानसून दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार मौसम प्रणालियों की अनियमितता के कारण देरी हुई। मुंबई पहुंचते ही महानगर के कई इलाकों में जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे ट्रैफिक प्रभावित हुआ और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मध्य अरब सागर के बाकी हिस्सों में भी मानसून सक्रिय हो गया है। अब मानसून की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। अगले 2 दिनों में मानसून के गुजरात और मध्य प्रदेश में पहुंचने की संभावना है। इसके 3-4 दिन बाद राजस्थान व उत्तर प्रदेश में एंट्री हो सकती है। हालांकि राजस्थान में यह सात दिन की देरी से आएगा। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड को पूर्ण मानसून के लिए जुलाई तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
आइएमडी की ओर से अगले दो दिनों में देश के 15 राज्यों में भयंकर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, गोवा, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। कहीं-कहीं 12-20 सेंटीमीटर बारिश दर्ज किए जाने की आशंका है, जिससे नदियों में उफान, निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन सकती है। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, गोवा और तटीय कर्नाटक में पहले से ही तेज बारिश हो रही है। मुंबई, रत्नागिरी और आसपास के इलाकों में सड़कें पानी से भर गई हैं। बिहार और झारखंड में भी बारिश के साथ आंधी-तूफान का खतरा है।
आइएमडी के अनुसार दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी मौसम करवट लेगा। इन इलाकों में छिटपुट बारिश के साथ धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजस्थान के 19 जिलाें में बारिश का अलर्ट किया गया है। बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट होने की उम्मीद है। देश में अब तक 43% कम बारिश दर्ज की गई है। जबकि राजस्थान में प्री-मानसून की 41 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं मध्य प्रदेश में 52% और छत्तीसगढ़ में 69% बारिश की कमी है। अब मानसून की सक्रियता बढ़ने से इस कमी को पूरा करने की उम्मीद जगी है। किसानों को खरीफ फसल बुआई के लिए अच्छा अवसर मिल सकता है।